शिवलिंग यानी शिवजी का साक्षात स्वरूप। ~ Balaji Kripa

Tuesday, 23 September 2014

शिवलिंग यानी शिवजी का साक्षात स्वरूप।


शिवलिंग की पूजा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। शिवलिंग यानी शिवजी का साक्षात स्वरूप। शिवलिंग का पूजन विधि-विधान से करने पर महादेव के साथ ही सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। शिवलिंग पूजन के संबंध में कई नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने पर भेालेनाथ जल्दी ही भक्त पर कृपा बरसाते हैं। वैसे तो शिवलिंग पर कई प्रकार की चीजें अर्पित की जाती हैं, लेकिन हमें हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए। हल्दी शिवलिंग पर नहीं, बल्कि जलाधारी पर अर्पित की जानी चाहिए। यहां जानिए शिवलिंग पूजा के सामान्य नियम से जुड़ी खास बातें...
शास्त्रों के अनुसार, सभी देवी-देवताओं के विधिवत पूजन आदि कर्मों में बहुत सी सामग्रियां शामिल की जाती हैं। इन सामग्रियों में हल्दी भी है। पूजन कर्म में हल्दी का महत्वपूर्ण स्थान है। कई पूजन विधियां ऐसी हैं जो हल्दी के बिना पूर्ण नहीं मानी जा सकती। हल्दी शिवजी के अतिरिक्त अधिकतर सभी देवी-देवताओं को अर्पित की जाती है। हल्दी स्त्रियों से संबंधित वस्तु है। इसका उपयोग सौंदर्य प्रसाधन संबंधी कार्यों में मुख्य रूप से किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुष तत्व का प्रतीक है। हल्दी स्त्री तत्व से संबंधित वस्तु है, इसी वजह से महादेव को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है।

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