कैसा है आपका हाथ मिलाने का तरीका, जानें अपना व्यक्तित्व... ~ Balaji Kripa

Tuesday, 23 September 2014

कैसा है आपका हाथ मिलाने का तरीका, जानें अपना व्यक्तित्व...



प्रतिदिन हम तरह-तरह के लोगों से मिलते हैं किंतु कौन ऐसा है, जिसे हम पहली मुलाकात में जान नहीं पाते हैं किंतु यह काम कोई कठिन नहीं है। आजकल ज्योतिष, वैज्ञानिक हर चीज पर शोध, अध्ययन करते हैं, उनकी इसी अध्ययन की कड़ी में एक शोध किया गया हाथ मिलाने के तरीकों पर। 
कसकर हाथ मिलाने वाला व्यक्ति :-
से व्यक्ति अच्छे होते हैं। सामने वाले को आदर देते हैं। बराबरी का दर्जा देते हैं। आदर देते हैं एवं आदर पाने की आकांक्षा रखते हैं। समझदार होते हैं। भरोसेमंद होते हैं। दूसरों पर भरोसा करते हैं। पूर्ण परिपक्व एवं सभ्य होते हैं।
ढीलेपन से हाथ मिलाने वाला व्यक्ति :-
स्वार्थी होगा, चालक होगा, लापरवाह होगा, सामने वाले व्यक्ति में रुचि नहीं लेगा। वह संकुचित विचारों वाला होगा, शंकालु प्रवृत्ति का होगा। सामने वाले को तुच्छ समझने वाला भी हो सकता है। घमंडी होगा। स्वयं को ज्यादा होशियार समझेगा। जिद्दी एवं तानाशाही प्रवृत्ति का होगा। वह जिस व्यक्ति से संपर्क करेगा, उसमें उसका स्वार्थ रहेगा। कभी ऐसा भी हो सकता है कि हाथ मिलाते समय उसके हाथ में दर्द हो या वह छुआछूत की बीमारी से डरता हो। इसलिए भी वह ढीले तरीके से हाथ मिला सकता है। कुल मिलाकर ऐसे व्यक्तियों में अहं भाव या सुपीरियरीटी कॉम्प्लेक्स ज्यादा पाया जाता है।
नीचे हाथ रखकर दूसरे हाथ से कसकर हाथ मिलाने वाले व्यक्ति :-
ऐसे व्यक्ति अनुशासन रखते हैं एवं अनुशासन चाहते हैं। ऐसे व्यक्ति दूसरों का उनके स्तर या पद के अनुसार सम्मान करते हैं एवं स्वीकार करते हैं। दिल के साफ होते हैं। स्पष्टवादी होते हैं। कर्तव्यशील होते हैं। ईमानदार व वफादार होते हैं। इंसान से इंसान की तरह मिलने वाले होते हैं।
एक हाथ मिलाते हुए दूसरा हाथ सामने वाले के हाथ पर किसी जगह रखने वाला व्यक्ति :-
मानो कोई व्यक्ति किसी दूसरे से हाथ मिलाता है। हाथ मिलाते समय दूसरा हाथ सामने वाले के हाथ पर जैसे- कलाई, बाजू या कंधे पर रखे तो वह निम्न स्वभाव वाला होगा। यह सामने वाले का हितैषी होगा। सामने वाले की अच्छाई चाहेगा। उसकी खुशी, उसकी उन्नति, उसकी समृद्धि चाहेगा। उसे अच्छा मार्गदर्शन देगा एवं यथाशक्ति मदद करेगा। सामने वाले के सुख-दुख में, हंसी-खुशी में, अच्छे-बुरे में साथ देगा एवं सामने वाले का शुभचिंतक होगा।
सैंडविच (तरीके से) हाथ मिलाने वाला व्यक्ति :-
ऐसा व्यक्ति अत्यंत धूर्त एवं चालक होगा। कपटी होगा, बाहर से मीठी-मीठी बातें करेगा परंतु अंदर ही अंदर जड़ काटेगा। वह सब कार्यों में माहिर रहेगा। वह किसी भी किस्म के व्यक्ति से बात करके उससे अपना मतलब सिद्ध कर सकता है। अवसरवादी होगा। किसी भी बिजनेस में ऐसे व्यक्ति सफल रहते हैं क्योंकि स्वभाव में लचीलापन होता है। ऐसे लोगों में गजब की शक्ति होती है तथा अपना काम निकालने के लिए ये सभी हथकंडे प्रयोग करके सफल हो जाते हैं। उनमें दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करने में महारत होती है।
हाथ मिलाकर लगातार हाथ हिलाने वाला व्यक्ति :-
वह बहुत लापरवाह होगा। उसे पता ही नहीं होता है कि आसपास क्या हो रहा है। संसार में क्या हो रहा है, इसकी उसे चिंता ही नहीं होती हैं। वह बहुत सुस्त होता है, दिखने में बड़ा होता है, परंतु बुद्धि छोटे बच्चों के समान रहती है। दिल का साफ होता है, कपटी बिलकुल नहीं होता है। गैर-जिम्मेदार होता है, इसलिए कोई भी जिम्मेदारी का काम उसे देना ठीक नहीं होता है। अदूरदर्शी होगा। उसे आसानी से मूर्ख बनाया जा सकता है। ऐसे लोगों में एक सचाई यह होती है कि जिससे ये हाथ मिलाते हैं, उसके प्रति प्रेम-भाव रखते हैं एवं संवेदनशील होते हैं।
सामने वाले की हथेली को ऊपर से दबाकर हाथ मिलाने वाला व्यक्ति :-
यदि कोई व्यक्ति सामने वाले की हथेली को ऊपर से दबाकर हाथ मिलाता है तो वह निम्न स्वभाव का होगा। वह गुस्सैल एवं घमंडी होगा। सुपीरियरीटी कॉम्प्लेक्स उसमें कूट-कूटकर भरा होता है। सामने वालेको तुच्छ या नहीं के बराबर मानता है। अपने आपको सभी से उच्च समझता है। दूसरों की चिंता नहीं करता। दूसरों पर अपना प्रभाव जमाकर या दबाब डालकर काम करवाता है। तानाशाही प्रवृत्ति का होता है। वह चाहता है कि लोग उसे मानें, जानें एवं सम्मान दें। चाहे वह कैसा भी हो, हर जगह अपने को उच्च मानता है।
हथेली यदि मुलायम हो तो :-
ऐसे व्यक्ति की सभी आवश्यकताएं आसानी से पूर्ण हो जाएंगी। वह किसी अमीर घर का व्यक्ति हो सकता है। ऐसा व्यक्ति सुस्त होगा तथा मेहनत पसंद नहीं होगा। फिर भी वह इतना किस्मत वाला होगा कि सभी कुछ सही समय पर सहजता से प्राप्त होगा। दिल का कोमल परंतु अय्याश किस्म का होगा। उसकी कुछ खास चुनिंदा आदतें होंगी। कामचोर होगा। वह चाहे जिस परिस्थिति में से आया हो, खुशकिस्मत ही रहेगा।
सख्त या कठोर हथेली वाला व्यक्ति :-
ऐसी हथेली वाले व्यक्ति को अपनी किसी भी प्रकार की आवश्यकता की पूर्ति के लिए मेहनत करनी पड़ेगी। वह शारीरिक एवं मानसिक दोनों प्रकार की मेहनत करने वाला होगा। रोजी-रोटी परिश्रम से पाएगा। उसकी जिंदगी संघर्षमय होगी या यूं कहिए कि उसकी जिंदगी श्रममय होगी। वह जल्दी ही गरम परंतु जल्दी ही ठंडा हो जाने वाला रहेगा।
नीचे से खुली हथेली से हाथ मिलाने वाला व्यक्ति :-
वह सहज स्वभाव का होगा। सबसे सरलता से मिलेगा। सामने वाले को स्वीकारेगा एवं सम्मान करेगा। कभी-कभी सामने वाले से अपने को हीन समझेगा। एक अच्छा मेजबान भी होगा। वह डरपोक होगा। बहुत जल्दी विचलित होगा। सामनेवाला उसे आसानी से अपने वश में कर सकता है और अपनी बात से सहमत करवा सकता है। वह हीनभावना से ग्रस्त होगा। बहुत अच्छा सहयोगी भी हो सकता है। मिलनसार होगा, शांतिप्रिय होगा, परंपरा का पालन करेगा। कुल मिलाकर दिल का साफ होगा।
अंगूठे तथा प्रथम अंगुली के मध्य ज्यादा अंतर हो तो :-
यह व्यक्ति खुले दिल एवं दिमाग वाला होगा। दूसरों को मदद करेगा। वह अत्यंत भावुक एवं संवेदनशील होगा। उसका दिल बहुत जल्दी पसीज जाता है। वह खर्चीला होगा, अदूरदर्शी होगा तथा बिना सोचे-समझे कदम उठाने वाला रहेगा। धार्मिक प्रवृत्ति वाला होगा, अंधविश्वासी होगा तथा मानव प्रेमी होगा। सहज स्वभाव का होगा तथा जल्दी ही किसी के प्रभाव में आने वाला होगा। अति कल्पनाशील या अवास्तविकता में जीने वाला होगा।
अंगूठे तथा प्रथम अंगुली के मध्य कम अंतर हो तो :-
संकुचित विचारों वाला तथा कंजूस प्रवृत्ति का होगा। दिल का कठोर होगा तथा इच्छा शक्ति दृढ़ होगी। जिद्दी एवं अव्यावहारिक होगा। भावनाओं में बहने वाला नहीं होगा तथा प्रत्येक कदम फूंक-फूंककर रखने वाला होगा। स्वस्थ एवं स्पष्टवादी होगा। अवसरों एवं लोगों को अपने फायदे के लिए उपयोग करने वाला होगा। घमंडी एवं असहयोगी होगा।
अंगूठे एवं प्रथम अंगुली के मध्य न ज्यादा न कम अंतर हो तो :-
ऐसा व्यक्ति समझदार होगा, संतुलित होगा, यशस्वी होगा, मितव्ययी होगा तथा वास्तविकता में जीने वाला होगा, रचनात्मक होगा। समयानुसार या परिस्थिति अनुसार नरम-गरम होगा। सहयोगी एवं कर्तव्य-निष्ठ होगा। पक्षपात नहीं करेगा तथा जीवन को वास्तविक तरीके से जीने वाला होगा।

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