सप्ताह के 7 दिन, किस दिन क्या करें ! जिस से खुशी और सफलता मिले !! ~ Balaji Kripa

Thursday, 30 October 2014

सप्ताह के 7 दिन, किस दिन क्या करें ! जिस से खुशी और सफलता मिले !!

ज्योतिष में सप्ताह के सात दिनों की प्रकृति और स्वभाव बताए गए हैं। इन सात दिनों पर ग्रहों का अपना प्रभाव होता है। अगर आप इन दिनों की प्रकृति और स्वभाव के अनुसार कार्यों को करें तो जरूर आपकी किस्मत साथ देगी। निश्चित ही हर काम में सफलता मिलेगी। अगर आपके सोचे हुए काम पूरे नही होते या उनका कोई परिणाम नही मिलता तो आप उन कार्यों को पुराणों, मुहूर्त ग्रंथों और फलति ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार बताए गए वार को करें। आप जरूर सफल होंगे।

किस वार को क्या कार्य करे !!

* रविवार को क्या करें- यह सूर्य देव का वार माना गया है। इस दिन नवीन गृह प्रवेश और सरकारी कार्य करना चाहिए।विज्ञान, इंजीनियरिंग, सेना, उद्योग बिजली, मेडिकल एवं प्रशासनिक शिक्षा उत्तम, नवीन वस्त्र धारण, सोने और तांबे की वस्तुओं के नवीन आभूषण धारण शुभ है।
व्यापार संबंधित - राज्य प्रशासनिक कार्य, सेनाधिकारी, औषधि, शस्त्र, अग्नि, अनाज, सोना, तांबा, चांदी, गाय, बैलादि का क्रय-विक्रय, मेडिकल, इलेक्ट्रिकल, मंत्रानुष्ठान, यज्ञादि कार्य।
* सोमवार को क्या करें - सरकारी नौकरी वालों के लिए पद ग्रहण करने के लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है।ग्रह शुभारंभ ,लेखनादि कार्य, मेडिकल शिक्षा, सौंदर्य प्रसाधन, औषधि निर्माण व योजना संबंधित, आभूषण धारण, तेल लगाना, हजामत बनाना, नया जूता पहनना शुभ है।
व्यापार संबंधित - कृषि, गाय, भैस, दूध, घी, डेयरी, फार्म, औषधि, तरल पदार्थ, शंख, मोती, धन संपदा, सौंदर्य प्रसाधन, सुगंधित वस्तुओं का क्रय-विक्रय, विदेशी पत्राचार आदि शुभ है।
* मंगलवार को क्या करें- मंगल देव के इस दिन विवाद एवं मुकद्दमे से संबंधित कार्य करने चाहिए। बिजली से संबंधित कार्य, सर्जरी की शिक्षा, शस्त्र विद्या सीखना, अग्नि स्पोर्टस, भूगर्भ विज्ञान, दंत चिकित्सा, मुकदमा दायर करना शुभ है।
व्यापार संबंधित - शक्ति, अग्नि एवं बिजली से संबंधित कार्य, बेकरी, स्पोटर्स, सोना, तांबा, मूंगा, पीतलादि का क्रय, सभी प्रकार की धातुओं का क्रय विक्रय करना चाहिए।भूमि, सर्जरी एवं रक्षा सामग्री, संधि विच्छेदादि कार्य।
* बुधवार को क्या करें- इस दिन यात्रा करना, मध्यस्थता करना, दलाली, योजना बनाना आदि काम करने चाहिए।गणित, लेखनादि, बौद्धिक कार्य, बैंक, वकालत, तकनीकी हुनर, ज्योतिष, विज्ञान, वाहनादि चलाना सीखना, नवीन वस्त्र धारण, नवीन आभूषण धारण, तेल लगाना विशेष शुभ, हजामत, नया जूता पहनना, मुकदमा दायर करना शुभ है।
व्यापार संबंधित - कृषि एवं व्यापारिक वस्तुओं का क्रय-विक्रय, शेयरों का क्रय, पुस्तक, लेखन प्रकाशन, व्यापारिक लेखा कार्य, शिक्षण, वकालत, शिल्प एवं संपादन कार्य वाहन क्रय-विक्रय।
* गुरुवार को क्या करें - बृहस्पति देव के इस दिन यात्रा, धार्मिक कार्य, विद्याध्ययन और बैंक से संबंधित कार्र्य करना चाहिए।दर्शन-शास्त्र, धर्म मंत्र, ज्योतिष, वकालत, उच्च पद प्रशासनिक, शिक्षा, वैद्यकी कार्य, नवीन वस्त्र धारण, नवीन आभूषण धारण शुभ है।
व्यापार संबंधित - धर्मिक अनुष्ठान, उच्च प्रशासनिक कार्य, उच्च शिक्षा के कार्य, आभूषण, औषधि, लकड़ी, भूमि, वाहनादि का लेन-देन, विदेश यात्रादि कार्य।
* शुक्रवार को क्या करें - शुक्रवार के दिन गृह प्रवेश, कन्या दान, करने का महत्व है। शुक्र देव भौतिक सुखों के स्वामी है। इसलिए इस दिन सुख भोगने के साधनों का उपयोग करें।नृत्य, वाद्य, गायन, कल, संगीत, एक्टिंग, गीत-काव्य, स्त्रियों एवं सौंदर्य संबंधित, नवीन वस्त्र धारण अतिशुभ, नवीन आभूषण, तेल लगाना, हजामत बनवाना, नया जूता पहनना शुभ है।
व्यापार संबंधित - संगीत, सिनेमा, विदेश के कार्य, टेलीविजन, स्त्रियों एवं श्रृंगारित वस्तुओं से संबंधित कार्य, रूई, कपड़ा, बैकिंग, चांदी, जवाहरात, रसायन, शराब, सोडा, सुगंधित द्रव्य, वाहनादि क्रय-विक्रय, खुशबूदार वस्तु, एक्टिंग आदि।
* शनिवार को क्या करें- मकान बनाना, गृह प्रवेश, ऑपरेशन, तकनीकी शिल्प कला, मशीनरी संबंधित ज्ञान, अंग्रेजी, उर्दू, फारसी का ज्ञान सीखना, तेल लगाना विशेष शुभ, मुकदमा दायर करना शुभ है।
व्यापार संबंधित - मशीनरी, लोहा, लकड़ी, चमड़ा, सीमेंट, तेल, पेट्रोल, पत्थर, भूमि, ठेकेदारी, शस्त्रों का क्रय-विक्रय, अन्वेषण एवं आप्रेशन कार्य, अधीनस्थ कर्मचारी, वाहनादि प्रयोग, विदेश-यात्रादि कार्य।



  

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