मेंहदीपुर बालाजी मंदिर और प्रधान देवो का परिचय !! ~ Balaji Kripa

Tuesday, 21 October 2014

मेंहदीपुर बालाजी मंदिर और प्रधान देवो का परिचय !!

मेंहदीपुर बालाजी मंदिर राजस्थान के दौसा जिले में स्थित है। मूलत: यह मंदिर पवनपुत्र हनुमान जी का मंदिर ही है। यहां तीन देवो की प्रधानता है श्री बालाजी सरकार,श्री भैरव जी महाराज और श्री प्रेतराज सरकार, श्री प्रेतराज सरकार प्रेत आत्माओं के राजा के नाम से जाने जाते हैं। लोकमान्यता है कि पूर्व काल में श्री बालाजी राजस्थान की अरावली पहाडिय़ों में आर्थिक संकट ,मानसिक संकट,शारीरिक संकट और प्रेत आत्माओं के नाश हेतु प्रकट हुए। यह स्थान आर्थिक संकट ,मानसिक संकट,शारीरिक संकट और आत्माओं, काला जादू आदि से पीडि़त लोगों की कष्टों से छुटकारा और ग्रह दोषों की शान्ति के दिलाने के लिए प्रसिद्ध है। पीडि़त लोग यहां आकर श्री बालाजी सरकार, भैरव जी महाराज और श्री प्रेतराज सरकार के दर्शन कर अपनी पीड़ा कष्टों से मुक्ति के लिए प्रार्थना और पूजा करते हैं। भक्तों और श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास है कि श्री बालाजी दण्डाधिकारी के रुप सभी प्रकार के कष्टों और आत्माओं,को दण्ड देकर भयंकर आर्थिक, मानसिक और शारीरिक कष्ट भोग रहे व्यक्ति को पीड़ामुक्त कर देते हैं। मेंहदीपुर बालाजी का मंदिर श्री हनुमान की अदालत माना जाता है। इस मंदिर के साथ ही यहां पूजा गृह,शिव मंदिर, राम दरबार मंदिर और समाधि के दर्शन का भी महत्व है। जहां दु:खों से छुटकारा पाने के लिए जनसैलाब उमड़ता है। यहां श्री मेंहदीपुर बालाजी के प्रति श्रद्धा और विश्वास के कारण अनेक धार्मिक कर्म और गतिविधियां चलती रहती है। यहां राम मन्दिर में २४ घंटे रामायण का अखंड पाठ होता रहता है और समाधि पर प्रतिदिन हवन(यज्ञ)होता है ! दान के साथ गरीब, अनाथ, बेसहारों, कमजोर और असक्षम लोगों को भोजन कराया जाता है। गायों के लिए चारा और अन्य भूखे-प्यासे पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी उपलब्ध कराया जाता है।राजस्थान में मेंहदीपुर बालाजी का मंदिर श्री हनुमान का बहुत जाग्रत स्थान माना जाता है। लोगों का विश्वास है कि इस मंदिर में विराजित श्री बालाजी अपनी देवीय शक्ति से आर्थिक, मानसिक, शारीरिक कष्ट और बुरी आत्माओं से छुटकारा दिलाते हैं। इसमें मंदिर में हजारों कष्टों से त्रस्त लोग प्रतिदिन दर्शन और प्रार्थना के लिए यहां आते हैं, जिन्हें स्थानीय लोग संकटवाला कहते हैं। कष्टों से पीडि़त के लिए यह मंदिर अपने ही घर के समान हो जाता है और श्री बालाजी ही उसकी अंतिम उम्मीद होते हैं। इसके लिए पूरी पवित्रता का ध्यान रखा हैं। यहा शाकाहरी रहना पढता हैं। यहां कष्टों और पीड़ाओं से मुक्त होने के लिए आस्था और विश्वास की ताकत को देखा जाता है। किंतु श्री मेंहदीपुर बालाजी और इस स्थान पर विश्वास और अगाध श्रद्धा रखने वालों की संख्या असंख्य है और उनके अनुभव के अनुसार श्री मेंहदीपुर बालाजी की शक्ति अद्भूत, अलौकिक है और भौतिक संसार से परे है।
ऐसा आचरण करें श्री बालाजी मंदिर में -
मंदिर में अन्य भूत-प्रेत पीडि़त लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करें। - मंदिर में स्नान कर, स्वच्छ कपड़े पहनकर, पंक्ति में लगकर ही प्रवेश करें। - बच्चों को ऐसे सुरक्षित स्थान पर रखें, जहां शौच आदि की व्यवस्था हो, ताकि मंदिर की स्वच्छता भी बनी रहे और बच्चे भयभीत न हो। मंदिर में झूठ बोलना या कोलाहल करने की अनुमति नहीं है। - मंदिर के केन्द्रस्थान में भगवान को चढ़ाने के लिए प्रसाद पुजारी को ही दें। - भूत प्रेत से बाधित व्यक्ति और महिलाओं द्वारा दर्शन हेतु मंदिर में आने पर किसी को साथ होना आवश्यक है। - मंदिर में आपत्तिजनक स्थिति में आना और धूम्रपान करना प्रतिबंधित है। - भूतप्रेत बाधा से मुक्ति श्री बालाजी की कृपा और आशीर्वाद से हो सकती है। इसके लिए किसी विशेष जानकर या महन्त जी से सम्पर्क कर सकते है !!
अन्य दर्शनीय स्थान -
श्री मेंहदीपुर बालाजी में अन्य दर्शनीय देवस्थान भी हैं। जिनमें नीलकंठ महादेव मंदिर, अंजनी माताजी का मंदिर, काली माता का मंदिर,घाटे बाले हनुमान जी का मन्दिर तीन पहाड़ पंचमुखी हनुमान मन्दिर,कैलाश मन्दिर और प्रताप वाटिका प्रमुख है।
पहुंच के संसाधन -
श्री मेंहदीपुर बालाजी दर्शन हेतु पहुंचने के लिए वायुमार्ग, रेलमार्ग और सड़क परिवहन की सुविधा उपलब्ध है।
वायुमार्ग - श्री मेंहदीपुर बालाजी पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा सांगानेर, जयपुर में है। जिसकी यहां से दूरी लगभग ११३ किलोमीटर है।
रेल मार्ग - श्री बालाजी के दर्शन हेतु आने के लिए निकटतम रेल्वे स्टेशन बांदीकुई और हिंडोनसिटी है। जिसकी यहां से दूरी ४० और ४५ किलोमीटर है।
सड़क मार्ग - मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर उत्तर भारत के सभी मुख्य शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा है। आगरा और जयपुर राजमार्ग पर तेज गति की बस सेवा उपलब्ध है। निजी वाहन द्वारा भी दिल्ली से अलवर-महवा या मथुरा-भरतपुर-महवा सड़क मार्ग से होते हुए श्री मेहंदीपुर बालाजी पहुंचा जा सकता है।

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