आज आप को बताते है प्रेतादिक संकट क्या होता है !! ~ Balaji Kripa

Thursday, 16 October 2014

आज आप को बताते है प्रेतादिक संकट क्या होता है !!


 
 जिन लोगो के पूर्बजो की म्रत्यु हो गयी है और उन का क्रिया कर्म (अन्तिम संस्कार)सही तरह से नहीं हुआ उन के पूर्बजो को मुक्ति(मोक्ष) प्राप्त नहीं होती है ! तो उन की आत्मा इधर से उधर भटकती है और लोगो को मुक्ति प्राप्त करने के लिए परेशान करती है ! जिस प्रकार हमारी आत्मा खाना खाती है,पानी पीती है, सोती है, बात करती है दैनिक दिन चर्या करती है और जो भी अच्छे बुरे कम करती है ! शरीर कुछ भी नहीं करता क्यों की शरीर तो तो आत्मा के लिए एक माध्यम है जब आत्मा शरीर को छोड देती है तो शरीर निर्जीव होकर पढ़ा रह जाता है !इसी प्रकार जब आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती तो उसको वो सब कुछ चाहिए जो शरीर में थी तब चाहिए था जब नहीं मिलता तो किसी ना किसी के शरीर के माध्यम से प्राप्त करती है ! और जिसके शरीर के माध्यम से प्राप्त करती है उस को परेशानी होने लगती है ! फिर उसका दिमाग काम नहीं करता,चक्कर आने लगते है, कमजोरी लगाने लगती है, ब्लडप्रेशर बढने लगता है,ठीक से खाना नहीं खाता,अजीब से अजीब हरकत करने लगता है शरीर से बीमार रहने लगता है,कोई दबा काम नहीं करती हैं  ठीक से काम नहीं कर पता है ,व्यापार में घाटा होने लगता है,कही पर भी नोकरी नहीं कर पता, अच्छी शिक्षा नहीं प्राप्त कर पता और लोग बोलते है इसको दिमागी बीमारी हो गयी है या पागल हो गया है और पूरा जीवन बर्बाद हो जाता है इस लिए जिस को भी इस प्रकार की परेशानी हो तुरन्त निधान करबाए ! 
प्रेतादिक संकट का निदान  !!
पितरो का तर्पण,श्राध ,पितृ सूक्तम का पाठ और गायत्री मंत्र ,महामृत्युंजय मंत्र का जाप करे !
नोट:=  भक्तो अगर आप अपने बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आप info@balajikripa.com लिंक पर सम्पर्क कर सकते है  !!

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