भजन माता !! द्धार मिला हैं मुझ को ऐसा जैसे अन्धे को जोती !! ~ Balaji Kripa

Monday, 6 October 2014

भजन माता !! द्धार मिला हैं मुझ को ऐसा जैसे अन्धे को जोती !!


द्धार मिला हैं मुझ को ऐसा जैसे अन्धे को जोती
छोड के अब में जाऊँ कहीना माँ तो आखिर माँ होती

इस दर पर जो आता हैं बिन मागे ही पाजाता हैं
सुख देके दुख लेती मईया अजब तुम्हारा नाता है
करम के लेखे तुमना देखो ममता की हैं यही रीती
द्धार मिला हैं मुझ को ऐसा ......................................
छोड के अब में जाउ कहीना ...................................

जब भी गया तो मैने देखा तेरा रुप निराला हैं
काली लक्ष्मी सरस्वती माँ रहती साथ ज्वाला हैं
चारो धाम के दर्शन पाकर हर दुख से होती मुक्ती
द्धार मिला हैं मुझ को ऐसा .......................................
छोड के अब में जाउ कहीना .................................

जब तक तुमको ना पाया था भटक रहा था दुनिया में
पाकर तुमको जीना सीखा दुख ही मिला इस दुनिया में
मिलकर मईया बिछडन जाना आँख के बिखरे ना मोती
द्धार मिला हैं मुझ को ऐसा जैसे अन्धे को जोती.....
छोड के अब में जाउ कहीना माँ तो आखिर माँ होती....

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