श्री राधा जी क्या है,उनके नाम और उनकी महिमा !! ~ Balaji Kripa

Friday, 17 October 2014

श्री राधा जी क्या है,उनके नाम और उनकी महिमा !!

 हिरण्यगर्भ ब्रह्माजी की प्रार्थना करके एक बार सनकादि ऋषियों ने उनसे प्रशन किया कि हे भगवान् ! परमदेव कौन हैं ? कौन-२ सी उनकी शक्तियाँ हैं ? सभी शक्तियों में कौन सी शक्ति सबसे उत्तम एवं स्रष्टि का आदि कारण है ? ब्रह्मा जी बोले कि हे पुत्रों ! सुनों , अब मै अति गोपनीय रहस्य को तुमसे कहता हूँ ,भगवान् श्रीकृष्ण ही सर्वप्रधान देवता हैं .उन सर्वेश्वर श्री कृष्ण की आह्वादिनी ,संधिनी ,ज्ञान, इच्छा , क्रिया, आदि अनेक शक्तियाँ हैं .इनमें  आह्वादिनी सबसे मुख्यशक्ति है. यही कृष्ण की सबसे अधिक अन्तरंगभूता 'श्रीराधा' कहीं जाती हैं .भगवान् कृष्ण के द्वारा की आराधित  होने के कारण इन्हें राधिका भी कहते हैं ! कृष्ण इनके आराध्यदेव हैं. इनको गान्धर्व भी कहते हैं. ब्रिज की समस्त गोपियाँ श्री कृष्ण की सभी पटरानियाँ और श्रीलक्ष्मी जी, श्रीराधिका जी की अंशभूता हैं !श्रीराधिका जी सर्वेश्वर भगवान् श्रीकृष्ण की सर्वेश्वरी शक्ति एवं उमकी समस्त विद्याओं में सनातनी विद्या एवं प्राणों की अधिष्ठात्री देवी हैं. एकांतभाव से चारों वेद उनकी प्रार्थना करते हैं .श्रीराधाजी की कृपा जिस पर होती है , उसे सहज ही परमधाम प्राप्त हो जाता है .श्रीराधाजी को जाने बिना जो भगवान् श्रीकृष्ण की उपासना करता हैं ,वह महामूढो में भी मूढ है !
श्रीराधाजी के नामों का गुणगान श्रुतियाँ करती रहती हैं -
१. राधा २.रसेश्वरी ३.रम्या ४.कृष्णमंत्राधिदेवता ५.सर्वाघा ६.सर्ववन्घा ७.वृन्दावनविहारिणी ८.वृन्दाराध्या ९.रमा १०.अशेषगोपिमंडलपूजिता ११. सत्या १२.सत्यपरा १३.सत्यभामा १४.श्रीकृष्णवल्लभा १५.वृषभानुसुता १६.गोपी १७.मूलप्रकृति १८.ईश्वरी १९.गान्धर्वा २०.राधिका २१.रुक्मणि २२.परमेश्वरी २३.परात्परतरा २४.पूर्णा २५.पूर्णचन्द्रनिभानना २६.भुक्तिमुक्तिप्रदा २७.भवव्याधिविनाशिनी
ब्रह्माजी कहते हैं कि जो इन नामों का पाठ करता हैं ,वह जीवन्मुक्त  हो जाता है !यह शक्ति ही भगवान के अवतारों का कारण कही जाती है .यह शक्ति जगत की कारणभूता सत,रज ,तम के रूप में बहिरंग होने के कारण जड़ कही जाती है अविद्या के रूप में जीव को बन्धन में डालने के कारण माया कही जाती गई है .इसलिए भगवान की इस क्रियाशक्ति को ही लीलाशक्ति कहते है .जो इस उपनिषद का पाठ करते है .वे अव्रती व्रती हो जाते है ,वायु के समान पवित्र हो जाते है एवं सर्वत्र पवित्रता का संचार करने में समर्थ हो जाते है .श्रीकृष्ण और श्रीराधा के परम प्रिय हो जाते है .वे जहाँ भी जाते एव दृष्टिपात करते है ,वह क्षेत्र पवित्र हो जाता है !

4 comments:

  1. NANDNANDAN PRIYA PRIYATAM SHYAMASHYAM SHRI YUGAL SARKER KE
    SHRI CHARNO MAIN KOTI KOTI PRANAAM

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  2. १. राधा २.रसेश्वरी ३.रम्या ४.कृष्णमंत्राधिदेवता ५.सर्वाघा ६.सर्ववन्घा ७.वृन्दावनविहारिणी ८.वृन्दाराध्या ९.रमा १०.अशेषगोपिमंडलपूजिता ११. सत्या १२.सत्यपरा १३.सत्यभामा १४.श्रीकृष्णवल्लभा १५.वृषभानुसुता १६.गोपी १७.मूलप्रकृति १८.ईश्वरी १९.गान्धर्वा २०.राधिका armya २१.रुक्मणि २२.परमेश्वरी २३.परात्परतरा २४.पूर्णा २५.पूर्णचन्द्रनिभानना २६.भुक्तिमुक्तिप्रदा २७.भवव्याधिविनाशिनी


    Total 28 hai na Ki 27
    Radhoupnishid chk kar k dekh lo

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  3. आदरणीय सक्षमअधिकारी
    कृपया ठीक करें


    १. राधा २.रसेश्वरी ३.रम्या ४.कृष्णमंत्राधिदेवता ५.सर्वाघा ६.सर्ववन्घा ७.वृन्दावनविहारिणी ८.वृन्दाराध्या ९.रमा १०.अशेषगोपिमंडलपूजिता ११. सत्या १२.सत्यपरा १३.सत्यभामा १४.श्रीकृष्णवल्लभा १५.वृषभानुसुता १६.गोपी १७.मूलप्रकृति १८.ईश्वरी १९.गान्धर्वा २०.राधिका २१.रुक्मणि
    २२.आरम्या
    २३.परमेश्वरी २४.परात्परतरा २५.पूर्णा २६.पूर्णचन्द्रनिभानना २७.भुक्तिमुक्तिप्रदा २८.भवव्याधिविनाशिनी 

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