नव ग्रहों के दोष और प्रभाब से होने बाले रोग और मानसिक विकार !! ~ Balaji Kripa

Monday, 6 October 2014

नव ग्रहों के दोष और प्रभाब से होने बाले रोग और मानसिक विकार !!


जिस प्रकार मनुष्य के अनुकूल ग्रह उसको राजा बना देते है और प्रतिकूल ग्रह बरबाद कर देते है उसी प्रकार जब ग्रह प्रतिकूल हो तो मस्तिस्क और शरीर में रोग पैदा कर देते है ! अब हम आप को बताते है नव ग्रहों के दोष और प्रभाब से होने बाले रोग और मानसिक विकार !!
सूर्य  :- अस्‍थि विकार, सिरदर्द, पित्त रोग, आत्मिक निर्बलता, ने‍त्र में दोष आदि।
चंद्र  :- मानसिक दुर्बलता, रक्त विकार, वाम नेत्र दोष, जलोदर, शीत प्रकृति के रोग, जुकाम, नजला आदि।
मंगल :- पित्त रोग, सूखा रोग, भय, दुर्घटना, अग्नि से भय, बिजली से भय, रक्त बहना, उच्च रक्तचाप आदि।
बुध  :- कफ दोष, वाणी रोग, त्रिदोष, पांडुरोग।
बृहस्पति :- कफ दोष, उदर विकार, आंत्रशोथ आदि।
शुक्र  :- वीर्ष दोष, प्रमेह, मधुमेह, मूत्र दोष, नेत्र दोष।
शनि  :- लकवा, वात रोग, घुटनों में दर्द, गठिया, पैरों में पीड़ा, आकस्मिक दुर्घटना,अकाल म्रत्यु योग ।
राहु  :- विष भय, कीटाणु रोग, कृष्ट रोग, अकाल म्रत्यु योग।
केतु  :- आ‍कस्मिक दुर्घटना, विष विकार ,अकाल म्रत्यु योग।

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