कुंडली के योग से जानिए पूर्वजन्म में आप कौन थे और मृत्यु के बाद आप क्या बनेगे !! ~ Balaji Kripa

Wednesday, 26 November 2014

कुंडली के योग से जानिए पूर्वजन्म में आप कौन थे और मृत्यु के बाद आप क्या बनेगे !!



हिंदू धर्म में पुनर्जन्म की मान्यता है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार प्राणी का केवल शरीर नष्ट होता है, आत्मा अमर है। आत्मा एक शरीर के नष्ट हो जाने पर दूसरे शरीर में प्रवेश करती है, इसे ही पुनर्जन्म कहते हैं। पुनर्जन्म के सिद्धांत को लेकर सभी के मन ये जानने की जिज्ञासा अवश्य रहती है कि पूर्वजन्म में वे क्या थे साथ ही वे ये भी जानना चाहते हैं, वर्तमान शरीर की मृत्यु हो जाने पर इस आत्मा का क्या होगा? भारतीय ज्योतिष में इस विषय पर भी काफी शोध किया गया है। उसके अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुंडली देखकर उसके पूर्व जन्म और मृत्यु के बाद आत्मा की गति के बारे में जाना जा सकता है। गीताप्रेस गोरखपुर दवारा प्रकाशित परलोक और पुनर्जन्मांक पुस्तक में इस विषय पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया है। उसके अनुसार शिशु जिस समय जन्म लेता है। उस समय, स्थान व तिथि को देखकर उसकी जन्म कुंडली बनाई जाती है। उस समय के ग्रहों की स्थिति के अध्ययन के फलस्वरूप यह जाना जा सकता है कि बालक किस योनि से आया है और मृत्यु के बाद उसकी क्या गति होगी। आगे इस संबंध में कुछ विशेष योग बताए जा रहे हैं-
 
जन्मपूर्व योनि विचार !!

1- जिस व्यक्ति की कुंडली में चार या इससे अधिक ग्रह उच्च राशि के अथवा स्वराशि के हों तो उस व्यक्ति ने उत्तम योनि भोगकर यहां जन्म लिया है, ऐसा ज्योतिषियों का मानना है।
2- लग्न में उच्च राशि का चंद्रमा हो तो ऐसा व्यक्ति पूर्वजन्म में योग्य वणिक था, ऐसा मानना चाहिए।
3- लग्नस्थ गुरु इस बात का सूचक है कि जन्म लेने वाला पूर्वजन्म में वेदपाठी ब्राह्मण था। यदि जन्मकुंडली में कहीं भी उच्च का गुरु होकर लग्न को देख रहा हो तो बालक पूर्वजन्म में धर्मात्मा, सद्गुणी एवं विवेकशील साधु अथवा तपस्वी था, ऐसा मानना चाहिए।
4- यदि जन्म कुंडली में सूर्य छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो अथवा तुला राशि का हो तो व्यक्ति पूर्वजन्म में भ्रष्ट जीवन व्यतीत करना वाला था, ऐसा मानना चाहिए।
5- लग्न या सप्तम भाव में यदि शुक्र हो तो जातक पूर्वजन्म में राजा अथवा सेठ था व जीवन के सभी सुख भोगने वाला था, ऐसा समझना चाहिए।
6- लग्न, एकादश, सप्तम या चौथे भाव में शनि इस बात का सूचक है कि व्यक्ति पूर्वजन्म में शुद्र परिवार से संबंधित था एवं पापपूर्ण कार्यों में लिप्त था।
7- यदि लग्न या सप्तम भाव में राहु हो तो व्यक्ति की पूर्व मृत्यु स्वभाविक रूप से नहीं हुई, ऐसा ज्योतिषियों का मत है।
8- चार या इससे अधिक ग्रह जन्म कुंडली में नीच राशि के हों तो ऐसे व्यक्ति ने पूर्वजन्म में निश्चय ही आत्महत्या की होगी, ऐसा मानना चाहिए।
9- कुंडली में स्थित लग्नस्थ बुध स्पष्ट करता है कि व्यक्ति पूर्वजन्म में वणिक पुत्र था एवं विविध क्लेशों से ग्रस्त रहता था।
10- सप्तम भाव, छठे भाव या दशम भाव में मंगल की उपस्थिति यह स्पष्ट करती है कि यह व्यक्ति पूर्वजन्म में क्रोधी स्वभाव का था तथा कई लोग इससे पीडि़त रहते थे।
11- गुरु शुभ ग्रहों से दृष्ट हो या पंचम या नवम भाव में हो तो जातक पूर्वजन्म में संन्यासी था, ऐसा मानना चाहिए।
12- कुंडली के ग्यारहवे भाव में सूर्य, पांचवे में गुरु तथा बारहवें में शुक्र इस बात का सूचक है कि यह व्यक्ति पूर्वजन्म में धर्मात्मा प्रवृत्ति का तथा लोगों की मदद करने वाला था, ऐसा ज्योतिषियों का मानना है।

मृत्यु उपरांत गति विचार !!

मृत्यु के बाद आत्मा की क्या गति होगी या वह पुन: किस रूप में जन्म लेगी, इसके बारे में भी जन्म कुंडली देखकर जाना जा सकता है। आगे इसी से संबंधित कुछ प्रमाणिक योग बताए जा रहे हैं-
1- कुंडली में कहीं पर भी यदि कर्क राशि में गुरु स्थित हो तो जातक मृत्यु के बाद उत्तम कुल में जन्म लेता है।
2- लग्न में उच्च राशि का चंद्रमा हो तथा कोई पापग्रह उसे न देखते हों तो ऐसे व्यक्ति को मृत्यु के बाद सद्गति प्राप्त होती है।
3- अष्टमस्थ राहु जातक को पुण्यात्मा बना देता है तथा मरने के बाद वह राजकुल में जन्म लेता है, ऐसा विद्वानों का कथन है।
4- अष्टम भाव पर मंगल की दृष्टि हो तथा लग्नस्थ मंगल पर नीच शनि की दृष्टि हो तो जातक रौरव नरक भोगता है।
5- अष्टमस्थ शुक्र पर गुरु की दृष्टि हो तो जातक मृत्यु के बाद वैश्य कुल में जन्म लेता है।
6- अष्टम भाव पर मंगल और शनि, इन दोनों ग्रहों की पूर्ण दृष्टि हो तो जातक की अकाल मृत्यु होती है।
7- अष्टम भाव पर शुभ अथवा अशुभ किसी भी प्रकार के ग्रह की दृष्टि न हो और न अष्टम भाव में कोई ग्रह स्थित हो तो जातक ब्रह्मलोक प्राप्त करता है।
8- लग्न में गुरु-चंद्र, चतुर्थ भाव में तुला का शनि एवं सप्तम भाव में मकर राशि का मंगल हो तो जातक जीवन में कीर्ति अर्जित करता हुआ मृत्यु उपरांत ब्रह्मलीन होता है अर्थात उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
9- लग्न में उच्च का गुरु चंद्र को पूर्ण दृष्टि से देख रहा हो एवं अष्टम स्थान ग्रहों से रिक्त हो तो जातक जीवन में सैकड़ों धार्मिक कार्य करता है तथा प्रबल पुण्यात्मा एवं मृत्यु के बाद सद्गति प्राप्त करता है।
10- अष्टम भाव को शनि देख रहा हो तथा अष्टम भाव में मकर या कुंभ राशि हो तो जातक योगिराज पद प्राप्त करता है तथा मृत्यु के बाद विष्णु लोक प्राप्त करता है।
11- यदि जन्म कुंडली में चार ग्रह उच्च के हों तो जातक निश्चय ही श्रेष्ठ मृत्यु का वरण करता है।
12- ग्यारहवे भाव में सूर्य-बुध हों, नवम भाव में शनि तथा अष्टम भाव में राहु हो तो जातक मृत्यु के पश्चात मोक्ष प्राप्त करता है।

विशेष योग !!

1- बारहवां भाव शनि, राहु या केतु से युक्त हो फिर अष्टमेश (कुंडली के आठवें भाव का स्वामी) से युक्त हो अथवा षष्ठेश (छठे भाव का स्वामी) से दृष्ट हो तो मरने के बाद अनेक नरक भोगने पड़ेंगे, ऐसा समझना चाहिए।
2- गुरु लग्न में हो, शुक्र सप्तम भाव में हो, कन्या राशि का चंद्रमा हो एवं धनु लग्न में मेष का नवांश हो तो जातक मृत्यु के बाद परमपद प्राप्त करता है।
3- अष्टम भाव को गुरु, शुक्र और चंद्र, ये तीनों ग्रह देखते हों तो जातक मृत्यु के बाद श्रीकृष्ण के चरणों में स्थान प्राप्त करता है, ऐसा ज्योतिषियों का मत है।

28 comments:

  1. 12 भाव में शनि राहु बुध। कुम्भ लग्न में।
    किसी जानपहचान वाले का हैं वो तो जीते जी नरक भोग रहा है।।

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    1. Pipal ka varkh lagaya aur usko pala saturday ko pipal ke varkh me mitha ghal chada kr 7 bar parikrma kre sukrwar ko gaya ko chawal mitha aur ghee dal kr khilaya aur hanuman upasana kr kast kam hoga

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  4. ऐसा अपने अक्सर सूना होगा की किस्मत हर किसी पर मेहरबान नहीं होती, परन्तु अगर यह किसी पर मेहरबान हो जाए तो उसे फिर पीछे मुड़ कर देखने की जरूरत नहीं पड़ती. बहुत से लोगो की यह शिकायत रहती है उनकी किस्मत हमेसा खराब ही रहती है यदि आप भी इसी श्रेणी में हो तो यकीन मानिये आप अकेले नहीं है.

    अक्सर लोगो की यह लगता है की उनका भाग्य खराब है या उनकी किस्मत उनका साथ नहीं दे रही.

    सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत तथा ईमानदारी का साथ होना बहुत जरूरी है परन्तु पूरी मेहनत और लग्न के बावजूद यदि सफलता प्राप्त नही हो पा रही है तो इसके लिए शास्त्रो में कुछ उपाय वर्णित है जो आपकी इस समस्या का समाधान कर सकती है.

    व्यक्ति को बार बार हासिल हो रही असफलता का मुख्य कारण है कुंडली में बैठे उसके ग्रह का उसका साथ न देना. क्योकि व्यक्ति के ग्रह उसके अनुकूल नहीं होते अतः हर कदम पर कुछ न कुछ बढ़ाये उसका पीछा करती ही रहती है. और हर बार असफलता उसके हाथ लगती है.

    ऐसे में आपके कुंडली में बैठे अशुभ प्रभाव वाले ग्रहो का शांत करना अत्यंत आवश्यक है ताकि बुरे परिणामो से बचा जा सके. ज्योतिष शास्त्र में अनेक ऐसे उपाय बतलाये गए है जो रातो रात आपकी किस्मत बदल सकते है तथा दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल सकते है.
    रातो-रात बदल सकती है आपकी किस्मत बस करे सिर्फ ये उपाय !

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    1. Mujhe lagta Hai grah aur dasha hamare jiwan Ke margdarshak Hai ek rekhachitra Hai jiwan ka Jo jankari to de sakta Hai par puri tarah se badal nahi sakta

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  5. Lagna mein shani aur 8th house mein Rahu kya darshata hai?

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  6. Planets plays a vital role in each person's life ,A Mantra is required to overcome all negative effect.

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  7. Dear Sir,
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    Apart from that


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    3. How to check she will not have any affair after marriage.
    4. Please tell me some formulae or shortcut or tips by seeing which I can be sure she will be a good partner for me and can proceed.


    My birth details :
    Date of Birth: 10 February 1981 Tuesday
    Time of Birth: 21:43 (=09:43 PM), Indian Standard Time
    Place of Birth: Bhubaneswar (Orissa), India
    Latitude: 20.13N Longitude: 85.50E
    Gender : Male ; Marital Status : Single

    Regards,
    Sumit

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    1. Dear

      Aapka shaadi ka yog dec-jan 18 ko ban raha hai...wife aapki bahut dhani family sai hogi ...par sani apki shaadi mai badhak karega..aap panna pahne...appki 2 shaadi kai bhi yog hai mangal kai sath budh pidit hai aur swayam mangal bhi trik bhav mai betha hai....rahu bhi 9 srishti sai aap ko hani pahuchyega

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    2. Vishal jee Dhanyavad,aap ko saparivar holi ki shubh kaamnayen. Maine panna ek saal hua pahina hai little finger me, ek opal bhi pahna hai middle finger me,aur gomed 2 mahina hua pahana abhi mangal me rahu antar dasha hai jo ki agle mahine last me khatam ho jayega. April 20 se mangal me guru ayenge.Sir love marriage ya arranged marriage hoga ? On-site videsh yatra kab. Patni ki roop rang khoobsurati moti patli kuchh pata chal ta hai navamsh upa pada etc se. Marital life kaisa hoga 2 vivah ka yog bata rahe hain isliye poochha. Sumit

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  8. मकर लगन
    बुध गुरु शुक्र राहु 10में
    मंगल चंद्र 7में
    केतु 4में
    शनि 2 में
    सूर्य 9 में
    सभी स्व राशि में है केवल बु. गुरु नीच में है
    मेरा भविस्य एव भग्या उदय कब होगा

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  9. my birth details - 26-08-1991 , 10:40am
    Pramod Srivastav
    Raniganj , Pratapgarh , UP

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  10. सर मेरे भाई की DOB 27-3-1993 तथा समय सुबह 4.40 हे और स्थान कोटा राजस्थान हे
    सर बताओ की उसकी शादी कब होगी

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  11. उसका नाम रवि सोनी हे

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  12. उसका नाम रवि सोनी हे

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  13. सर मेरे भाई की DOB 27-3-1993 तथा समय सुबह 4.40 हे और स्थान कोटा राजस्थान हे
    सर बताओ की उसकी शादी कब होगी

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  14. Kashi Prasad Jajodia
    I Born On 30 November, Saturday 1957 at IST Time, (01 / 36 minutes / 48 seconds P.M.), Place VARANASI (Uttar Pradesh) India, Longitude 25\20, Latitude 83\00, Equation Of Time +2 minutes as per Indian Standard Time in India.
    I have started a Domestic, Ladies Items & Computerized Job Shop on 01 /04 / 2012 near my residence by low investment but it is not successful yet now.
    Specific Question

    1. In year May 2005 my spinal code’s bone had increased at (Cervical Spine Mylopathy following C-5-6, C-6-7 central disc prolapsed) level and doctors advised me to operate it. So, I have to go C.M.C. Vellore and got First Spine Surgery on 24/05/2005. But before & after surgery, I have severe legs & abdomen pain with Spasticity. The pain remains every time, which cannot be reduced anyhow. Due to this pain I cannot Sit, Stand and Walk and Work properly. By Grace of Sai Baba, I have gone for Second Spine Surgery on 17-03-2011 at Guwahati. But I got 50% Recovery according to doctor rest 50% would not recover; your treatment is going on for your life saving only.

    2. I belong to a rich family from very birth, but I am in financial trouble from 1995 and at present, I cannot fulfill my Family’s Basic Requirements ‘ as food, children's educational fees, drugs etc. all the doors of help have been closed. I have No Source of Income. I have the responsibility of two Daughters’ Marriage & two Sons’ Education & Carrier. I have become very helpless and also facing mental & physical set back. The entire family members are insulting & abusing me every time due to the money matter that I am a useless fellow and this is intolerable positions for me.

    3. I have also a loan of 15 lakhs from my close relatives to maintain family expenses & households in between 2006 to 2009, which I want to pay as early as possible, they are compelling me to pay loan urgently, but I have no other property to pay loan.

    4. I want to know that what bad karmas had done by me in past life, so I have to bear as fruits of my karmas in this life and when my misfortune would end and I would fulfill my responsibility towards my children’s?

    I will be inclined to live in a land of dreams and illusions a false idea or belief and meet many disappointments.

    My questions are descriptions’ of Sukra Maha Dasa and Antar Dasa fal with reply of these problems “When My Health & Wealth Position would improve and how I Can Fulfill My Family Responsibility?
    Kashi Prasad Jajodia
    kpjajodia@gmail.com

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  15. गुरूजी चरण स्पर्श...

    वेदान्त जैन
    सागर-मध्यप्रदेश ,रात्रि 8:12 मिनिट
    22/02/1994

    गुरूजी मेरी शंका का समाधान कीजिये..आईएएस बनने के योग है क्या..? जून 2017 से इसकी तैयारी आरम्भ कर रहा हूँ, कब तक योग है..??

    शनि की महादशा में राहु की अन्तर्दशा का फल मेरे लिये शुभ होगा या अशुभ उपाय बताए...!!


    बहुत आशा से आपसे शंका का समाधान चाहता हूँ पूर्ण विश्वास है आप मेरी शंका का समाधान करेंगे..आपका शुभाशीष सदा बना रहे...

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  16. Kumbh lagan me guru surya pratham bhav me ho or saptam bhav me singh ki rasi khali ho or dasam bhav me mangal sani ho to

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  17. Sir mera naam manoj verma
    Date of birth - 14/03/1986
    Time - 5:15am
    Place - Narwar m. P.
    Samasya - vivhayik jeevan me samasya chal rahi h talak ki position hai. Kya talak ka yog hai ya ise tala ja sakta hai kirpya btaye.

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  18. Vashikaran Mantra In Hindi

    Vashikaran mantra in hindi | Vashikaran yaane ki kisi stri ya purush ko aap ke vash mein kar lena |

    किसी को वश में करने का मंत्र मतलब किसी लड़की को वश में करने का मंत्र या किसी लड़के को वश में करने का मंत्र ,
    “ॐ नमः काम-देवाय। सहकल सहद्रश सहमसह लिए वन्हे धुनन जनममदर्शनं उत्कण्ठितं कुरु कुरु, दक्ष दक्षु-धर कुसुम-वाणेन हन हन स्वाहा।”
    http://blackmagicvashikaranspecialist.com/vashikaran-mantra-in-hindi/

    M No - +91-9116579959

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  19. meri birth date 09/03/1990 hai , mera name manan hai , mujhe sarkari naukri milegi

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  20. 10/10/1979-22:55-want to know about my marriage, life partner and which career is should choose, will i be a successful business person? i want to help society,poor ppl and also provide luxurious life to my parents (i worship them) please help me, how i find what is my destiny, reason of my birth. thank you ...pls reply

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  21. 10/10/1979-22:55-want to know about my marriage, life partner and which career is should choose, will i be a successful business person? i want to help society,poor ppl,animals/birds and also provide luxurious life to my parents (i worship them) please help me, how i find what is my destiny, reason of my birth.when will i get wealthy and successful to help poor? (should i get married or live for society)thank you ...pls reply

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