भजन !! नंदी पर होकर सवार चले जग के पालनहार !! ~ Balaji Kripa

Thursday, 6 November 2014

भजन !! नंदी पर होकर सवार चले जग के पालनहार !!


नंदी पर होकर सवार चले जग के पालनहार आज गौरा को ब्याहने चले गौरा को ब्याहने,
हो रही जय-जयकार चले है जग के पालनहार आज गौरा को ब्याहने

देखा ना होगा कहीं ऐसा रूप निराला बहे जटा में गंगाधारा,
लीला अपरम्पारा चले गौरा को ब्याहने-2
नदी पर ....................

देवता सारे संग में बनके बराती आये रे बजे है डमरू, नाचे भूत प्रेत सब गाये रे
छाई अजब बहार बने है दूल्हा ये दातार चले गौरा को ब्याहने-2
नंदी पर ....................

दक्ष द्वारे आये जय भोलेनाथ भंडारी मन में मगन भये शिवशम्भू त्रिपुरारी
गौरा रही निहार खड़ी अखियों में भरके प्यार चले गौरा को ब्याहने-2
नंदी पर ....................

देवों के देव महादेव की बात निराली बड़े है दयालु बाबा मूरत है भोली भाली
देख रहा संसार बनाया कैसा रूप सिंगार चले गौरा को ब्याहने-2
नंदी पर ....................

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