आप जीवन में प्रगति नहीं कर पा रहे है तो ग्रह दोष से पीड़ित है करे इस प्रकार सभी ग्रह दोष का निवारण !! ~ Balaji Kripa

Friday, 28 November 2014

आप जीवन में प्रगति नहीं कर पा रहे है तो ग्रह दोष से पीड़ित है करे इस प्रकार सभी ग्रह दोष का निवारण !!

यदि कुंडली में कोई ग्रह दोष हो तो व्यक्ति को कार्यों में सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है। यदि सफलता मिलती भी है तो कई परेशानियों का सामना करने के बाद मिलती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नौ ग्रह बताए गए हैं। ये ही नौ ग्रह कुंडली के बारह भावों में विचरण करते रहते हैं। किसी व्यक्ति के जन्म के समय इन ग्रहों की जैसी स्थिति होती है, वैसा ही असर जीवनभर बना रहता है। यदि कोई ग्रह अशुभ स्थिति में है तो व्यक्ति को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रहों के अशुभ दोष को दूर करने के लिए ज्योतिष में उपाय भी बताए गए हैं। इन उपायों को नियमित रूप से करते रहने पर अशुभ ग्रहों के दोष दूर हो सकते हैं।
सूर्य:= सूर्य ग्रह के दोष दूर करने और इसे शुभ बनाने के लिए जपाकुसुम के फूलों की माला बनाकर हर रविवार को शिवजी को पहनाएं। इस उपाय से वर्चस्व एवं आत्मविश्वास की वृद्धि होती है। किसी वृद्ध व्यक्ति को लाल फल भेंट करना चाहिए। प्रत्येक रविवार सुबह घोड़े को भीगे चने की दाल खिलानी चाहिए।
चंद्रमा:= प्रत्येक सोमवार गाय के दूध से शिवजी का अभिषेक करें। इस दौरान 'ऊँ सोमाय नम:’ मंत्र का जप करें। किसी गरीब महिला को दूध और सफेद वस्तु का दान करें। खरगोश को मूली खिलाएं।
मंगल:= प्रत्येक मंगलवार गाय को गुड़ और आटे से बनी रोटी खिलाएं। लाल फूलों की माला बनाकर देवी प्रतिमा को पहनाएं। लाल कनेर के 108 फूलों से मां दुर्गा की पूजा करें। मंगलवार को गुड़हल का पेड़ घर में लगाएं और नियमित रूप से इसकी देखभाल करें। मूंगा रत्न का दान किसी ब्राह्मण को मंगलवार के दिन करना लाभकारी होता है। कुंडली में यदि मांगलिक दोष है तो प्रतिदिन तुलसी के पौधे की पूजा करें, जल चढ़ाएं, मगर बुधवार और रविवार को तुलसी को नहीं छुएं।
बुध:= बुध ग्रह से पीड़ित व्यक्ति को अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने चाहिए। साथ ही, घर में भी छोटा बगीचा बनाएं। प्रत्येक बुधवार गणेशजी को 21, 41 या 108 दूर्वा चढ़ाएं। प्रतिदिन कम से कम तीन इलायची का सेवन करें। मेहंदी और इलायची का पौधा घर में लगाएं। प्रत्येक बुधवार यदि संभव हो सके तो हाथी के दर्शन करें और उसे केला खिलाएं।
गुरु: =गुरु ग्रह को शुभ बनाने के लिए सबसे प्रभावी उपाय है गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करना। केले के पौधे को हल्दी युक्त जल अर्पित करें। बरगद के पेड़ में हर गुरुवार हल्दी युक्त कच्चा दूध चढ़ाएं। यदि संभव हो तो गुरु-पुष्य योग में केले की जड़ अपनी दाहिनी बांह पर बांधें। ये व्यापार की वृद्धि में सहायक होगा। पीली कदली के पुष्पों को घर में लगाएं और गरीबों को पीली वस्तु और पुस्तकें दान करें।
शुक्र:= जीवन में प्रसन्नता और वैभव की वृद्धि के लिए शुक्र ग्रह को बलवान बनाना आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक शुक्रवार सुगंधित फूलों से महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना करें। इत्र का दान करें एवं सफेद गाय को चावल खिलाएं। सफेद कनेर के पुष्पों की माला तथा कमल के पुष्पों को लक्ष्मीनारायण भगवान को अर्पित करें। सफेद और हल्के रंग वाले फूलों के पौधे घर में लगाएं। आंवले के पेड़ की पूजा करें और प्रत्येक शुक्रवार आंवले की पत्तियां लक्ष्मीजी को चढ़ाएं।
शनि: =यदि सरकारी नौकरी पाने की इच्छा है तो शनि ग्रह को पक्ष में करना जरूरी है। प्रत्येक शनिवार पीपल के पेड़ के सामने सरसो के तेल का दीपक जलाएं। शकर और जल का मिश्रण पीपल की जड़ में चढ़ाएं। पीपल के पेड़ की पूजा से शनि दोष शांत होता है। प्रतिदिन पीपल की पूजा करें, लेकिन बुधवार और रविवार को पीपल को नहीं छुएं। कौवे और काले कुत्ते को गुड़ वाली तेल की रोटी खिलाएं। काली गाय को हर शनिवार उड़द की दाल भिगोकर खिलाएं।
राहु-केतु:= राहु और केतु ग्रह से पीड़ित व्यक्ति को रोजाना कबूतरों को बाजरा और काले तिल मिलाकर खिलाना चाहिए। कुष्ठ रोगियों को दो रंग वाली वस्तुओं का दान करें। मोर पंख की पूजा करें या हो सके तो उसे हमेशा अपने पास रखें। गिलहरी को दाना डालें। दो रंग के फूलों को घर में लगाएं और गणेशजी को अर्पित भी करें। हर मंगलवार या शनिवार को चीटियों को मीठा खिलाएं।

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