दूध के इन उपायों से दूर हो सकती है दरिद्रता दूर !! ~ Balaji Kripa

Monday, 15 December 2014

दूध के इन उपायों से दूर हो सकती है दरिद्रता दूर !!


ऐसा माना जाता है कि ज्योतिष के तंत्र शास्त्र में बताए गए उपाय बहुत जल्दी असर दिखाना शुरू कर देते हैं। ये उपाय करते समय सावधानी और विधि का ध्यान रखना चाहिए। ऐसे उपायों की गोपनीयता भी बनाए रखना जरूरी है। जो भी व्यक्ति ये उपाय करता है, उसे किसी अन्य व्यक्ति से इस संबंध में चर्चा नहीं करनी चाहिए। अन्यथा ये उपाय निष्फल हो जाते हैं।
सोमबार को इस प्रकार करे उपाय  !!
शिवजी की कृपा से धन संबंधी बाधाएं दूर करने के लिए कच्चे दूध का यह उपाय करें। हर सोमवार सुबह जल्दी उठें। उठने के बाद नित्य कर्मों से निवृत्त होकर पवित्र हो जाएं। सूर्य को जल अर्पित करें। घर में स्थित देवी-देवताओं का पूजन करें। इसके बाद आपके घर के आसपास किसी भी शिव मंदिर जाएं और वहां शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं।कच्चा दूध अपने घर से ही साथ लेकर जाएं। शिवलिंग पर दूध चढ़ाने के बाद स्वच्छ जल अर्पित करें। इसके बाद अक्षत, कुमकुम, बिल्व पत्र आदि पूजन सामग्री चढ़ाएं। शिव मंत्र का जप करें। मंत्र- ऊँ नम: शिवाय।शास्त्रों के अनुसार हर सोमवार यह उपाय किया जाए तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं।
रविवार को करें दूध का इस प्रकार उपाय !!
उपाय के अनुसार आपको रविवार की रात सोते समय 1 गिलास में दूध भरकर अपने सिर के पास रखना है। दूध सावधानी से रखें, नींद में दूध ढुलना नहीं चाहिए।सुबह उठने के बाद नित्य कर्मों से निवृत्त हो जाएं। सूर्य को जल अर्पित करें और इष्टदेवी-देवताओं का पूजन करें। इसके बाद दूध को किसी बबूल के पेड़ की जड़ में डाल दें। ऐसा हर रविवार की रात की कर सकते हैं।
शनिवार को करे दूध का करे इस प्रकार उपाय !!
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि या राहु-केतु के दोष होते हैं तो उसे कार्यों में आसानी से सफलता नहीं मिल पाती है। इन दोषों को दूर करने के लिए हर शनिवार ये उपाय करें। उपाय के अनुसार किसी पीपल की जड़ में कच्चा दूध अर्पित करें। इसके बाद जल अर्पित करें और पीपल का पूजन करें। पूजन के साथ ही पीपल की कम से कम सात परिक्रमा करें। इस उपाय से शनि दोषों के साथ ही राहु-केतु के दोष भी दूर हो जाते हैं। कालसर्प दोष का असर कम हो जाता है और बुरा समय टल जाता है। इन ग्रहों के दोषों के कारण आ रही धन संबंधी बाधाएं भी दूर हो सकती हैं।

0 comments:

Post a Comment