जानिए, प्रमुख देवताओ को कौन से फूल चढ़ाने से होती है कामना पूरी !! ~ Balaji Kripa

Saturday, 27 December 2014

जानिए, प्रमुख देवताओ को कौन से फूल चढ़ाने से होती है कामना पूरी !!

हिंदू धर्म के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक कर्मकांडों में फूलों का विशेष महत्व है। धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, आरती आदि कार्य बिना फूल के अधूरे ही माने जाते हैं। फूलों के संबंध में शारदा तिलक नामक पुस्तक में कहा गया है-
दैवस्य मस्तकं कुर्यात्कुसुमोपहितं सदा।
अर्थात- देवता का मस्तक सदैव पुष्प से सुशोभित रहना चाहिए।

वैसे तो किसी भी भगवान को कोई भी फूल चढ़ाया जा सकता है, लेकिन कुछ फूल देवताओं को विशेष प्रिय होते हैं। इन फूलों का वर्णन विभिन्न धर्म ग्रंथों में मिलता है। मान्यता है कि देवताओं को उनकी पसंद के फूल चढ़ाने से वे अति प्रसन्न होते हैं और साधक की हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि किस देवता के पूजन में कौन से फूल चढ़ाना चाहिए-
भगवान श्रीगणेश- आचार भूषण ग्रंथ के अनुसार भगवान श्रीगणेश को तुलसीदल को छोड़कर सभी प्रकार के फूल चढाएं जा सकते हैं। इससे भगवान श्रीगणेश अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर उनकी हर मनोकामना पूरी कर देते हैं।
भगवान शिव- भगवान शंकर को धतूरे के फूल, हरसिंगार, व नागकेसर के सफेद पुष्प, सूखे कमल गट्टे, कनेर, कुसुम, आक, कुश आदि के फूल चढ़ाने का विधान है।
भगवान विष्णु- इन्हें कमल, मौलसिरी, जूही, कदम्ब, केवड़ा, चमेली, अशोक, मालती, वासंती, चंपा, वैजयंती के पुष्प विशेष प्रिय हैं।
सूर्य देव - इनकी उपासना कुटज के पुष्पों से की जाती है। इसके अलावा कनेर, कमल, चंपा, पलाश, आक, अशोक आदि के पुष्प भी इन्हें प्रिय हैं।
भगवान श्रीकृष्ण- अपने प्रिय पुष्पों का उल्लेख महाभारत में युधिष्ठिर से करते हुए श्रीकृष्ण कहते हैं- मुझे कुमुद, करवरी, चणक, मालती, पलाश व वनमाला के फूल प्रिय हैं।
भगवती आदिशक्ति - शंकर भगवान को चढऩे वाले पुष्प मां भगवती को भी प्रिय हैं। इसके अलावा बेला, सफेद कमल, पलाश, चंपा ,गुड़हल के फूल भी चढ़ाए जा सकते हैं।
लक्ष्मीजी- इनका सबसे अधिक प्रिय पुष्प कमल है।
भगबान हनुमानजी- गुलाब ,चम्पा ,चमेली ,गुड़हल ,बेला ,कनेर ,गेंदा के फूल चड़ाये जाते है !

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