हिंदू नववर्ष 21 से, किस राशि पर कैसा रहेगा शनि का असर !! ~ Balaji Kripa

Wednesday, 18 March 2015

हिंदू नववर्ष 21 से, किस राशि पर कैसा रहेगा शनि का असर !!

 21 मार्च, शनिवार से हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत्सर 2072 प्रारंभ हो रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार इस संवत्सर का नाम कीलक है। इस संवत्सर के राजा शनिदेव व मंत्री मंगल हैं। खास बात यह है कि इस हिंदू नव वर्ष का प्रारंभ भी शनिवार से ही हो रहा है। इस वर्ष का राजा शनि होने से इस पर शनि का विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। वर्तमान में शनि वृश्चिक राशि में वक्रीय स्थिति में है, जो 2 अगस्त को पुन: मार्गी हो जाएगा। विक्रम संवत्सर 2072 में शनि किस राशि पर क्या असर डालेगा, ये आप को हम बताते है !!
मेष राशि
विक्रम संवत्सर में शनिदेव आपकी राशि से आठवे स्थान में चलायमान रहेंगे। शनि की ढय्या आपको चल रही है। अष्टम शनि के प्रभाव से शत्रु पीड़ा पहुंचाएंगे। अष्टम शनि जहां एक ओर स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं रहेगा। वहीं, दूसरी ओर दशम भाव पर दृष्टि भी व्यवसाय व नौकरी में उतार-चढ़ाव की स्थिति निर्मित करेगा। नौकरी व व्यवसाय में लक्ष्य प्राप्ति बहुत कठिनता से होगी।2 अगस्त तक शनि वक्र स्थिति में रहेगा, इस दौरान कोई बड़ी हानि हो सकती है। परिवार में या किसी नजदीकी रिश्तेदार या मित्र की क्षति भी संभव है। कोई काम होते-होते रह जाएगा। संपत्ति से संबंधित विवाद भी हो सकते हैं। शनि की पंचम स्थान पर दृष्टि संतान के प्रति चिंता बढ़ाएगी। अधिकारी आपके काम से नाखुश रहेंगे।
उपाय
1. सवा पांच रत्ती का नीलम या उपरत्न (नीली) सोना, चांदी या तांबे की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर धारण करें।
2. शनि यंत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में लॉकेट की आकृति में पहन सकते हैं, यह उपाय भी उत्तम है।
3. किसी भी विद्वान ब्राह्मण से या स्वयं शनि के मंत्रों के 23000 जाप करें या करवाएं। ये है शनि का मंत्र-
ऊं प्रां प्रीं स: श्नैश्चराय नम:
4. शनिवार को व्रत रखें। चींटियों को आटा डालें।
5. जूते, काले कपड़े, मोटा अनाज व लोहे के बर्तन दान करें।


वृषभ राशि- 
विक्रम संवत्सर 2072 में शनिदेव आपकी राशि से गोचरवश सातवे स्थान पर गतिशील रहेंगे। इसके कारण आपके स्वास्थ्य में सुधार रहेगा, लेकिन परिवार में किसी को रोग होने की संभावना बन सकती है, जिसके कारण आप चिंतित रहेंगे। इस साल परिवार के लोगों में विवाद बढ़ेंगे। पति-पत्नी के बीच भी दूरियां बढ़ सकती हैं। व्यापार व नौकरी के लिए ये साल ठीक रह सकता है। इस साल आपको लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं।नौकरी व कार्यक्षेत्र में सहकर्मी आपके काम की प्रशंसा करेंगे, वहीं बॉस व अधिकारी भी आपके काम से खुश रहेंगे। घर-परिवार में किसी बुजुर्ग सदस्य का गिरता हुआ स्वास्थ्य आपकी चिंता का कारण बन सकता है। किसी पर जरूरत से ज्यादा भरोसा हानि का कारण बन सकता है। शनि की वक्र स्थिति (2 अगस्त तक) में कोई भी निर्णय बड़ी सोच-समझकर लें। पैरों से संबंधित कष्ट हो सकते हैं।
उपाय
1. शनिवार को काले घोड़े की नाल या समुद्री नाव की कील से लोहे की अंगूठी बनवाएं। उसे तिल्ली के तेल में सात दिन शनिवार से शनिवार तक रखें तथा उस पर शनि मंत्र के 23000 जाप करें। शनिवार के दिन शाम के समय इसे धारण करें।
2. यह अंगूठी मध्यमा (शनि की अंगुली) में ही पहनें तथा इसके लिए पुष्य, अनुराधा, उत्तरा, भाद्रपद एवं रोहिणी नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ है।
3. किसी भी विद्वान ब्राह्मण से या स्वयं शनि के मंत्रों के 23000 जाप करें या करवाएं।
मंत्र- ऊँ ऐं ह्लीं श्रीशनैश्चराय नम:।

मिथुन राशि-
 विक्रम संवत्सर 2072 मिथुन राशि वालों के लिए उन्नति प्रदान करने वाला रहेगा। साल भर छठे भाव में शनि की स्थिति से शत्रु व षडय़ंत्र करने वाले परास्त हो जाएंगे। इस साल आपको कई उपलब्धियां मिलेंगी। मिथुन राशि के लोग इस साल जी-तोड़ मेहनत करेंगे और उसका फल भी उन्हें मिलेगा। व्यापार बढ़ाने की जो योजना आप बना रहे थे, उसे पूरा करने का समय अब आ गया है। नौकरी व कार्यक्षेत्र में भी आपको आगे बढऩे के अवसर मिलेंगे। बॉस व अधिकारी आपके काम से खुश रहेंगे। 2 अगस्त तक शनि की वक्र स्थिति में परिवार के किसी बुजुर्ग सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहेगी। अगस्त के बाद धन का निवेश करेंगे, उसका फायदा आपको आगे जाकर मिलेगा। अगस्त के बाद का समय घर-परिवार के लिए भी सुख-समृद्धि देने वाला रहेगा।
उपाय
1. शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिश्रित करके पक्षियों को चुगाएं।
2. बैंगनी रंग का सुगंधित रूमाल अपने पास रखें।
3. शनिदेव के सामने खड़े रहकर दर्शन न करें, एक ओर खड़े रहकर दर्शन करें, जिससे की शनिदेव की दृष्टि सीधे आप पर नहीं पड़े।
4. सवा पांच रत्ती का नीलम या उपरत्न (नीली) सोना, चांदी या तांबे की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर धारण करें।

कर्क राशि- 
विक्रम संवत्सर 2072 में शनि का परिभ्रमण आपकी राशि में पंचम स्थान में रहेगा। इसलिए ये साल आपके लिए उन्नति देने वाला रहेगा। मित्र व सहयोगी आपके काम में सहायता करेंगे। नौकरी व व्यवसाय में नई तकनीक व हुनर का इस्तेमाल कर आप अपनी महत्वाकांक्षा पूरी करेंगे। कार्यक्षेत्र में आपको नए अवसर मिलने की पूरी-पूरी संभावना बन रही है।नौकरी में प्रमोशन भी हो सकता है। कर्क राशि के विद्यार्थियों को इस समय पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर लगाना चाहिए। पति-पत्नी के बीच संबंध मधुर होंगे। भाइयों में विवाद संभव है। स्वास्थ्य भी अपेक्षाकृत ठीक ही रहेगा। खान-पान पर विशेष ध्यान रखें। क्रोध व आवेश में आकर कोई गलत कदम न उठाएं। शत्रु व षडयंत्रकारियों से सावधान रहें।
उपाय
1. प्रत्येक शनिवार को शाम के समय बड़ (बरगद) और पीपल के पेड़ के नीचे सूर्योदय से पहले स्नान आदि करने के बाद सरसों के तेल का दीपक लगाएं और दूध एवं धूप आदि अर्पित करें।
2. काले धागे में बिच्छू घास की जड़ को अभिमंत्रित करवा कर शनिवार के दिन श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती के शुभ मुहूर्त में धारण करने से भी शनि संबंधी सभी कार्यों में सफलता मिलती है।

3. शनिवार को इन 10 नामों से शनिदेव का पूजन करें-
कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।
अर्थात: 1- कोणस्थ, 2- पिंगल, 3- बभ्रु, 4- कृष्ण, 5- रौद्रान्तक, 6- यम, 7, सौरि, 8- शनैश्चर, 9- मंद व 10- पिप्पलाद। इन दस नामों से शनिदेव का स्मरण करने से सभी शनि दोष दूर हो जाते हैं।

सिंह राशि- 
विक्रम संवत्सर 2072 में शनि की ढय्या का प्रभाव आपकी राशि पर रहेगा। इसलिए ये साल आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता। व्यापार व कार्यक्षेत्र में हानि के योग बन रहे हैं। कोई नया काम करने की योजना बनेगी, लेकिन बात बनते-बनते रुक जाएगी। इस साल बॉस की नाराजगी का खामियाजा आपको उठाना पड़ सकता है। इसलिए अपना काम मन लगाकर करते रहे। हालांकि पारिवारिक दृष्टिकोण से समय अनुकूल है।घर-परिवार के लोग मुश्किल समय में आपका साथ देंगे। विद्यार्थी मन लगाकर सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दें। संतान का व्यवहार, अध्ययन, विवाह आदि आपकी चिंता का कारण रहेगा। कामकाज की भागदौड़ में स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वाहन का प्रयोग सावधानी से करें। व्यापार में निवेश से पहले अच्छी तरह से सोच लें।
उपाय
1. काली गाय की सेवा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। उसके शीश पर रोली लगाकर सींगों में कलावा बांधकर धूप-आरती करनी चाहिए। फिर परिक्रमा करके गाय को बूंदी के चार लड्डू खिला दें।
2. हर शनिवार उपवास रखें। सूर्यास्त के बाद हनुमानजी का पूजन करें। पूजन में सिंदूर, काली तिल्ली का तेल, इस तेल का दीपक एवं नीले रंग के फूल का प्रयोग करें।
3. सवा पांच रत्ती का नीलम या उपरत्न(नीली) सोना, चांदी या तांबे की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर धारण करें।
4. जूते, काले कपड़े, मोटा अनाज व लोहे के बर्तन दान करें।

कन्या राशि- 
विक्रम संवत्सर 2072 कन्या राशि वालों के लिए अनुकूल फल देने वाला रहेगा। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर चिंता जरूर रहेगी, पुराने रोग फिर से उभर सकते हैं। नौकरी व व्यापार में स्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी। व्यापार में कोई बड़ा फायदा होने के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर रहेगी। पैसों की आवक बनी रहेगी। घर-परिवार में हालात संतोषजनक रहेंगे। पति-पत्नी में आपसी सामंजस्य बना रहेगा।नौकरी में कोई महत्वपूर्ण पद या कार्य आपको मिल सकता है। कुछ लोग आपकी तरक्की से जलकर षडय़ंत्र रच सकते हैं इसलिए बचकर रहें तो बेहतर रहेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रहेगी। इस वर्ष यात्राओं के योग बन रहे हैं। ये यात्राएं परेशानी बढ़ाने वाली रहेगी। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा।
उपाय
1. शनिवार को बंदरों और काले कुत्तों को लड्डू खिलाने से भी शनि का कुप्रभाव कम हो जाता है अथवा काले घोड़े की नाल या नाव में लगी कील से बना छल्ला धारण करें।
2. शुक्रवार की रात काले चने पानी में भिगो दे। शनिवार को ये चने, कच्चा कोयला, हल्की लोहे की पत्ती एक काले कपड़े में बांधकर मछलियों के तालाब में डाल दें। यह टोटका पूरा एक साल करें। इस दौरान भूल से भी मछली का सेवन न करें।
3. किसी भी विद्वान ब्राह्मण से या स्वयं शनि के मंत्रों के 23000 जाप करें या करवाएं। ये है शनि का मंत्र-
ऊँ प्रां प्रीं स: श्नैश्चराय नम:
4. शनिवार को व्रत रखें। चींटियों को आटा डालें।

तुला राशि- 
शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव विक्रम संवत्सर 2072 में तुला राशि पर साफ-साफ दिखाई दे रहा है। इस साल स्वास्थ्य को लेकर आपकी परेशानियां बढ़ सकती हैं। साथ ही, धन भाव में शनि की स्थिति के कारण धन नाश के योग भी बन रहे हैं। नौकरी व व्यापार में भी स्थिति अनुकूल नहीं रहेगी। प्रत्येक काम में अड़चन आएगी और निराशा हाथ लगेगी।नौकरीपेशा लोग सावधान रहें, शत्रु आपके विरुद्ध षडय़ंत्र रच सकते हैं या झूठा आरोप लगा सकते हैं। घर-परिवार में खुशहाली रहेगी, पारिवारिक दृष्टिकोण से यह साल अच्छा रहेगा। विपरीत परिस्थिति में घर वाले आपकी हरसंभव मदद करेंगे। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए योग-व्यायाम करेंगे तो ठीक रहेगा। वाहन सावधानी से चलाएं।
उपाय
1. शनिवार को सवा-सवा किलो काले चने अलग-अलग तीन बर्तनों में भिगो दें। इसके बाद नहाकर, साफ वस्त्र पहनकर शनिदेव का पूजन करें और चनों को सरसों के तेल में छौंक कर इनका भोग शनिदेव को लगाएं और अपनी समस्याओं के निवारण के लिए प्रार्थना करें।
इसके बाद पहला सवा किलो चना भैंसे को खिला दें। दूसरा सवा किलो चना कुष्ट रोगियों में बांट दें और तीसरा सवा किलो चना अपने ऊपर से उतारकर किसी सुनसान स्थान पर रख आएं। इस टोटके को करने से शनिदेव के प्रकोप में अवश्य कमी होगी।
2. सवा किलो काला कोयला, एक लोहे की कील एक काले कपड़े में बांधकर अपने सिर पर से घुमाकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।

 वृश्चिक राशि- 
वृश्चिक राशि वालों को विक्रम संवत्सर 2072 में शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। नौकरी व व्यापार में संघर्ष की स्थिति बन सकती है। लक्ष्यों को पूरा करने का दबाव आप पर बना रहेगा। आप जी-तोड़ मेहनत करने के बाद भी अपने अधिकारियों को खुश नहीं कर पाएंगे। 2 अगस्त तक शनि वक्रीय होकर स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां उत्पन्न करेगा।पारिवारिक दृष्टि से ये साल आपके लिए ठीक रहेगा। परिवार में मांगलिक प्रसंग हो सकता है। नौकरी में बॉस के साथ तालमेल का अभाव रह सकता है। विरोधियों से सावधान रहें तो बेहतर रहेगा। व्यापार में निवेश करते समय सोच-समझकर निर्णय लें। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। जितनी मेहनत करेंगे, फल उतना नहीं मिलने से परेशान रहेंगे।
उपाय
1. शनिवार को शनि यंत्र की स्थापना व पूजन करें। इसके बाद प्रतिदिन इस यंत्र की विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। प्रतिदिन यंत्र के सामने सरसों के तेल का दीप जलाएं। नीला या काला पुष्प चढ़ाएं ऐसा करने से लाभ होगा।
2. शनिवार या शनि जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर कुश (एक प्रकार की घास) के आसन पर बैठ जाएं। सामने शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें व उसकी पंचोपचार से विधिवत पूजन करें। इसके बाद रूद्राक्ष की माला से नीचे लिखे किसी एक मंत्र की कम से कम पांच माला जाप करें तथा शनिदेव से सुख-संपत्ति के लिए प्रार्थना करें। यदि प्रत्येक शनिवार को इस मंत्र का इसी विधि से जाप करेंगे तो शीघ्र लाभ होगा।

वैदिक मंत्र-
ऊँ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शन्योरभिस्त्रवन्तु न:।

धनु राशि- 
विक्रम संवत्सर 2072 में धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा, जिसके चलते स्वास्थ्य में निराशा व नकारात्मकता रहेगी। कोई पुराना रोग फिर से उभर सकता है। नौकरी व व्यापार में स्थितियां आपके पक्ष में नहीं रहेंगी। बिजनेस पार्टनर आपको धोखा दे सकता है। कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखें। मित्र व सहयोगी आपकी सहायता करेंगे। घर के किसी सदस्य का स्वास्थ्य कमजोर हो सकता है।आप जी-तोड़ मेहनत करेंगे, लेकिन परिणाम आपके पक्ष में नहीं रहेंगे। अगर आप व्यापार बढ़ाने के बारे में सोच रहें हैं तो इसमें परेशानियां आएंगी। आर्थिक स्थिति भी कमजोर रहेगी। किसी से कर्ज लेना पड़ सकता है। कुल मिलाकर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव व्यापार, नौकरी, घर-परिवार, स्वास्थ्य सभी पर दिखाई देगा।
उपाय
1. शनिवार के दिन किसी हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें और शनि दोष की शांति के लिए हनुमानजी से प्रार्थना करें। बूंदी के लड्डू का भोग भी लगाएं।
2. शनिवार को 11 साबूत नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करें और शनिदेव से जीवन को सुखमय बनाने के लिए प्रार्थना करें।
3. प्रत्येक शनिवार को शाम के समय बड़ (बरगद) और पीपल के पेड़ के नीचे सूर्योदय से पहले स्नान आदि करने के बाद सरसों के तेल का दीपक लगाएं और दूध एवं धूप आदि अर्पित करें।
4. सवा पांच रत्ती का नीलम या उपरत्न(नीली) सोना, चांदी या तांबे की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर धारण करें।

मकर राशि- 
विक्रम संवत्सर 2072 मकर राशि वालों के लिए उन्नति देने वाला रहेगा। इस साल आपको कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है। शनि इस वर्ष आपकी राशि में एकादश स्थान में गतिशील रहेंगे। 2 अगस्त तक शनि वक्र स्थिति में आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। इस दौरान वाहन सावधानी से चलाएं।स्वास्थ्य की दृष्टि से यह साल आपके लिए अपेक्षाकृत ठीक रहेगा। व्यापार में भी अति विश्वास हानि का कारण बन सकता है। मित्रों व सहयोगियों का इस साल आपको सहयोग मिलेगा। शत्रु भी आपके आगे टिक नहीं पाएंगे। हालांकि साल भर पैसों का उतार-चढ़ाव बना रहेगा। घर-परिवार का वातावरण आपके अनुकूल रहेगा।
उपाय
1. शमी वृक्ष की जड़ को विधि-विधान पूर्वक घर लेकर आएं। शनिवार के दिन श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती के दिन किसी योग्य विद्वान से अभिमंत्रित करवा कर काले धागे में बांधकर गले या बाजू में धारण करें। शनिदेव प्रसन्न होंगे तथा शनि के कारण जितनी भी समस्याएं हैं, उनका निदान होगा।
2. काले धागे में बिच्छू घास की जड़ को अभिमंत्रित करवा कर शनिवार के दिन श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती के शुभ मुहूर्त में धारण करने से भी शनि संबंधी सभी कार्यों में सफलता मिलती है।
3. शनिवार को इन10 नामों से शनिदेव का पूजन करें-
कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।
अर्थात: 1- कोणस्थ, 2- पिंगल, 3- बभ्रु, 4- कृष्ण, 5- रौद्रान्तक, 6- यम, 7, सौरि, 8- शनैश्चर, 9- मंद व 10- पिप्पलाद। इन दस नामों से शनिदेव का स्मरण करने से सभी शनि दोष दूर हो जाते हैं।

 कुंभ राशि- 
विक्रम संवत्सर 2072 में शनि आपकी राशि से दसवें भाव में चलायमान रहेगा। शनि का यह परिभ्रमण आपके लिए शुभ फल देने वाला रहेगा। इस साल आपके आय के स्त्रोत बढ़ सकते हैं। व्यापार बढ़ाने की जो योजना आप काफी समय से बना रहे हैं, उसे साकार करने का समय आ गया है। आर्थिक रूप से भी यह साल आपके लिए अच्छा ही रहेगा।इस साल मित्र आपको भरपूर सहयोग देंगे। शनि की वक्र स्थिति (2 अगस्त तक) में कोई बुरा समाचार मिल सकता है। इस दौरान स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। सरकारी नौकरी वाले लोगों को काम में लापरवाही बरतने पर नुकसान हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए भी इस साल सफलता का कोई विशेष योग नहीं बन रहे हैं।
उपाय
1. शनिवार को बंदरों और काले कुत्तों को लड्डू खिलाने से भी शनि का कुप्रभाव कम हो जाता है अथवा काले घोड़े की नाल या नाव में लगी कील से बना छल्ला धारण करें।
2. शनि यंत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में लॉकेट की आकृति में पहन सकते हैं, यह उपाय भी उत्तम है।
3. बैंगनी रंग का सुगंधित रूमाल अपने पास रखें।
4. शनिदेव के सामने खड़े रहकर दर्शन न करें, एक ओर खड़े रहकर दर्शन करें, जिससे की शनिदेव की दृष्टि सीधे आप पर नहीं पड़े।
5. शनिवार को हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। चोले में सरसों या चमेली के तेल का उपयोग करें और इन तेलों से ही दीपक भी जलाएं।

 मीन राशि- 
विक्रम संवत्सर 2072 में शनि आपकी राशि से नवम भाव में चलायमान रहेगा। भाग्योदय व उन्नति के अवसर आपको इस साल मिल सकते हैं। जो काम आप हाथ में लेंगे, उसे पूरा करके ही दम लेंगे। इस साल परिश्रम के साथ-साथ भाग्य भी आपका साथ दे रहा है। व्यापार में विस्तार को जो योजना आपने बनाई है, वह पूरी हो सकती है।नौकरी में आगे बढऩे के अवसर मिलेंगे। अधिकारी भी आपके काम से खुश होंगे। इस साल आप किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बनाएंगे। शनि की वक्र स्थिति (2 अगस्त तक) के दौरान शत्रु आपके विरुद्ध षडय़ंत्र रच सकते हैं। स्वास्थ्य व पारिवारिक सुख की दृष्टि से भी यह साल आपके लिए शुभ रहेगा। मित्रों से सहयोग मिलेगा।
उपाय
1. चोकर युक्त आटे की 2 रोटी लेकर एक पर तेल और दूसरी पर घी दें। घी वाली रोटी पर थोड़ा मिष्ठान रखकर काली गाय को खिला दें तथा दूसरी रोटी काले कुत्ते को खिला दें और शनिदेव का स्मरण करें।
2. शनिवार को एक कांसे की कटोरी में तिल का तेल भर कर उसमें अपना मुख देख कर और काले कपड़े में काले उड़द, सवा किलो अनाज, दो लड्डू, फल, काला कोयला और लोहे की कील रख कर डाकोत(शनि का दान लेने वाला) को दान कर दें।
3. शनिवार को किसी हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें और शनि दोष की शांति के लिए हनुमानजी से प्रार्थना करें। बूंदी के लड्डू का भोग भी लगाएं।
4. शनिवार को 11 साबूत नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करें और शनिदेव से जीवन को सुखमय बनाने के लिए प्रार्थना करें।
5. किसी भी विद्वान ब्राह्मण से या स्वयं शनि के मंत्रों के 23000 जाप करें या करवाएं। ये है शनि का मंत्र-
ऊँ प्रां प्रीं स: श्नैश्चराय नम:


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