नवदुर्गा प्रश्नावली चक्र !! ~ Balaji Kripa

Wednesday, 25 March 2015

नवदुर्गा प्रश्नावली चक्र !!


चैत्र नवरात्रि का पर्व 21 मार्च, शनिवार से प्रारंभ हो चुका है। सभी चाहते हैं कि इन नौ दिनों में माता की कृपा उन्हें प्राप्त हो। इसके लिए हर भक्त अपने तरीके से माता की आराधना करता है। दरअसल नवरात्रि सिर्फ एक पर्व ही नहीं बल्कि इसमें जीवन प्रबंधन से जुड़े कई सूत्र भी छिपे हैं। आवश्यकता है तो बस उन्हें समझने की।चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर हम आपके लिए लाएं हैं नवदुर्गा प्रश्नावली चक्र। इसके माध्यम से आप अपने जीवन की परेशानियों व सवालों का हल आसानी से पा सकते हैं। नवदुर्गा प्रश्नावली चक्र की उपयोग विधि इस प्रकार है-
उपयोग विधि=
जिसे भी अपने सवालों का जवाब या परेशानियों का हल जानना है, वो पहले पांच बार ऊँ ऐं ह्लीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे मंत्र का जप करने के बाद 1 बार इस मंत्र का जाप करें-
या देवी सर्वभूतेषु मातृरुपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

इसके बाद आंखें बंद करके अपना सवाल पूछें और माता दुर्गा का स्मरण करते हुए प्रश्नावली चक्र पर कर्सर घुमाते हुए रोक दें। जिस कोष्ठक (खाने) पर कर्सर रुके, उस कोष्ठक में लिखे अंक के फलादेश को ही अपने अपने प्रश्न का उत्तर समझें।
अंक 1 से 15 तक का फलादेश इस प्रकार है-
1. धन लाभ होने के योग बन रहे हैं साथ ही मान-सम्मान भी मिलेगा।
2. धन हानि अथवा अन्य प्रकार का अनिष्ट होने की आशंका है।
3. किसी पुराने खास मित्र से मुलाकात हो सकती है, जिससे मन खुश होगा।
4. कोई रोग होने की संभावना बन रही है, इसलिए अभी कोई नया काम शुरू न करें।
5. जो भी कार्य आपने सोचा है, उसमें आपको सफलता मिलने के योग बन रहे हैं, निश्चिंत रहें।
6. आप जो काम करना चाहते हैं, उसे कुछ दिनों के लिए टाल दें। इसमें किसी से कलह अथवा कहासुनी हो सकती है, जिसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।
7. आपका अच्छा समय शुरू हो गया है। शीघ्र ही सुंदर एवं स्वस्थ पुत्र होने के योग हैं। इसके अतिरिक्त आपकी अन्य मनोकामनाएं भी पूर्ण हो सकती है।
8. जो विचार आपके मन है, उसे पूरी तरह त्याग दें। इस काम में बहुत परेशानी होने के योग बन रहे हैं।
9. समाज अथवा सरकार की दृष्टि में सम्मान बढ़ेगा। आपका सोचा हुआ कार्य अच्छा है।
10. जिस लाभ के बारे में आप सोच रहे हैं, वह जरूर मिलेगा। नया काम भी शुरू कर सकते हैं।
11. आप जिस कार्य के बारे में सोच रहे हैं, उसमें हानि की आशंका अधिक है। सोच-विचार कर ही कोई निर्णय लें।
12. आपकी मनोकामना पूर्ण होगी। पुत्र से भी आपको विशेष लाभ मिलेगा।
13. शनिदेव की उपासना करें, कार्य में आ रही बाधाएं दूर होंगी।
14. आपका अच्छा समय शुरू हो गया है। चिंताएं मिटेंगी, सुख-संपत्ति प्राप्त होगी।
15. आर्थिक तंगी के कारण ही आपके घर में सुख-शांति नहीं है। एक माह बाद स्थितियां बदलने लगेंगी, धैर्य एवं संयम रखें।

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