हिन्दी पंचांग के अनुसार दूसरा माह है वैशाख इस प्रकार करें शिव पूजा, दूर होंगे दुख और कष्ट !! ~ Balaji Kripa

Thursday, 9 April 2015

हिन्दी पंचांग के अनुसार दूसरा माह है वैशाख इस प्रकार करें शिव पूजा, दूर होंगे दुख और कष्ट !!



हिन्दी पंचांग के अनुसार दूसरा माह है वैशाख
हिन्दी पंचांग के अनुसार चैत्र मास के बाद दूसरा वैशाख मास है। इस माह को बहुत पवित्र और पूजन कर्म के लिए श्रेष्ठ माना जाता है, क्योंकि इसका संबंध कई देव अवतारों से है। प्राचीन काल में इस माह के शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया तिथि पर भगवान विष्णु के नर-नारायण, परशुराम, नृसिंह और ह्ययग्रीव अवतार हुए हैं। शुक्ल पक्ष की नवमी को माता सीता धरती से प्रकट हुई थीं। चार धाम में से एक बद्रीनाथ धाम के कपाट वैशाख माह की अक्षय तृतीया से ही खुलते हैं। वैशाख के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भी निकलती है। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर देववृक्ष वट की पूजा की जाती है। इस माह में किए गए दान, स्नान, जप, यज्ञ आदि शुभ कर्मों से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार अभी वैशाख माह (4 मई 2015 तक) चल रहा है। इस माह में भगवान विष्णु और शिवजी का विशेष पूजन किया जाता है। जो लोग वैशाख मास में इन देवताओं का पूजा करते हैं, उनके सभी दुख और परेशानियां दूर हो जाती हैं। यहां जानिए शिवलिंग पूजा का आसान उपाय, इस उपाय से अक्षय पुण्य के साथ ही सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
इस प्रकार करें उपाय
1. हर रोज सुबह नित्यकर्म और स्नान कर पवित्र हो जाएं।
2. शिव उपासना के लिए सफेद वस्त्र पहनें।
3. पंचोपचार पूजन करें। चंदन, फूल, नैवेद्य, धूप और दीप आदि पूजा में शामिल करें।
4. शिवजी को जल व बिल्वपत्र चढ़ाएं। पूजन में भगवान विष्णु के मंत्र या शिव मंत्र का जप किया जा सकता है।

मंत्र-
ॐ विष्णुवल्लभाय नम:
ॐ महेश्वराय नम:
ॐ शंकराय नम:

4. भगवान को प्रसाद के रूप में फल या दूध से बनी मिठाई अर्पित करें।
5. पूजन के बाद धूप, दीप, कर्पूर से आरती करें।

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