जो लोग रत्न नहीं धारण कर सकते रत्न की जगह धारण कर सकते है पेड़ों की जड़ें भी !! ~ Balaji Kripa

Friday, 26 June 2015

जो लोग रत्न नहीं धारण कर सकते रत्न की जगह धारण कर सकते है पेड़ों की जड़ें भी !!

आज के दौर में काफी लोग ज्योतिष विद्या को भी एक विज्ञान ही मानते हैं। इस विद्या से भूत, भविष्य और वर्तमान की जानकारी मिल सकती है। साथ ही, जीवन को सुखी और समृद्धिशाली बनाने के उपाय भी मालूम किए जा सकते हैं। लेकिन लोग धन के अभाब मै रत्न नहीं पहन पते है कुंडली के 12 घरों में ग्रहों की अच्छी-बुरी स्थिति के अनुसार ही हमारा जीवन चलता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति का भाग्योदय नहीं हो पाता है। अशुभ फल देने वाले ग्रहों को अपने पक्ष में करने के लिए कई प्रकार के उपाय बताए गए हैं। ग्रहों से शुभ फल प्राप्त करने के लिए संबंधित ग्रह का रत्न पहनना भी एक उपाय है। असली रत्न काफी मूल्यवान होते हैं जो कि आम लोगों की पहुंच से दूर होते हैं। इसी वजह से कई लोग रत्न पहनना तो चाहते हैं, लेकिन धन अभाव में इन्हें धारण नहीं कर पाते हैं। ज्योतिष के अनुसार रत्नों से प्राप्त होने वाला शुभ प्रभाव अलग-अलग ग्रहों से संबंधित पेड़ों की जड़ों को धारण करने से भी प्राप्त किया जा सकता है।सभी ग्रहों का अलग-अलग पेड़ों से सीधा संबंध होता है। अत: इन पेड़ों की जड़ों को धारण करने से अशुभ ग्रहों के प्रभाव कम हो जाते हैं। धन संबंधी परेशानियां दूर हो सकती हैं।
चंद्र गृह के लिए
चंद्र से शुभ फल प्राप्त करने के लिए सोमवार को सफेद वस्त्र में खिरनी की जड़ सफेद धागे के साथ धारण करें।
मंगल गृह के लिए
मंगल ग्रह को शुभ बनाने के लिए अनंत मूल या खेर की जड़ को लाल वस्त्र के साथ लाल धागे में डालकर मंगलवार को धारण करें।
बुध गृह के लिए
बुधवार के दिन हरे वस्त्र के साथ विधारा (आंधी झाड़ा) की जड़ को हरे धागे में पहनने से बुध के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।। यहां बताई जा रही जड़ें किसी भी पूजन सामग्री या ज्योतिष संबंधी सामग्रियों की दुकान से आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं...
सूर्य गृह के लिए
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो सूर्य के लिए माणिक रत्न बताया गया है। माणिक के विकल्प के रूप में बेलपत्र की जड़ लाल या गुलाबी धागे में रविवार को धारण करना चाहिए। इससे सूर्य से शुभ फल प्राप्त किए जा सकते हैं।
गुरु गृह के लिए
गुरु ग्रह अशुभ हो तो केले की जड़ को पीले कपड़े में बांधकर पीले धागे में गुरुवार को धारण करें।
शुक्र गृह के लिए
गुलर की जड़ को सफेद वस्त्र में लपेट कर शुक्रवार को सफेद धागे के साथ गले में धारण करने से शुक्र ग्रह से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
शनि गृह के लिए
शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शमी पेड़ की जड़ को शनिवार के दिन नीले कपड़े में बांधकर नीले धागे में धारण करना चाहिए।
राहु गृह के लिए
कुंडली में यदि राहु अशुभ स्थिति में हो तो राहु को शुभ बनाने के लिए सफेद चंदन का टुकड़ा नीले धागे में बुधवार के दिन धारण करना चाहिए।
केतु गृह के लिए
केतु से शुभ फल पाने के लिए अश्वगंधा की जड़ नीले धागे में गुरुवार के दिन धारण करें।
विशेष := यहां बताई गईं सभी जड़े बाजार से आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं और अगर धागा में नहीं पहन सकते तो कपडे में सिल कर भी पहन सकते है लेकिन ध्यान रहे इस प्रकार सिले कि लकड़ी शरीर को छूती रहे। सामान्यत: ज्योतिष संबंधी सामग्रियों के विक्रेताओं के यहां इस प्रकार जड़ें मिल सकती हैं। इसके अलावा कुछ वृद्ध लोगों को भी इन जड़ों की जानकारी हो सकती है। उनसे भी इस संबंध मदद प्राप्त की जा सकती है ताकि आपको ये जड़े मिल सके। साथ ही, इन जड़ों को धारण करने से पूर्व किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से परामर्श अवश्य कर लेना चाहिए।

1 comment:

  1. रामभक्त, बजरंगबली, पवन पुत्र, अंजनी पुत्र, ना जाने कितने नामों से पुकारा जाता है हनुमान जी को. हिन्दू धर्म में हनुमान जी को भगवान शिव का ही अवतार माना गया है. लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि भगवान शिव जी की तरह ही हनुमान जी के भी अनगिनत भक्त हैं. उन्हें मानने वालों की गणना करना असंभव है.
    ऐसी मान्यता है कि भगवान हनुमान त्रेतायुग से लेकर आने वाले तीन युगों तक जीवित रहे हैं. यानि कि आज के कलयुग में भी वे जीवित हैं, लेकिन कहां हैं यह कोई नहीं जानता.
    त्रेतायुग में श्रीराम के साथ और द्वापर युग में महाभारत के दौरान भीम से मिलना, यह दर्शाता है कि हनुमान जी दो युगों तक हमारे बीच रहे हैं. लेकिन ये वे महारथी हैं जो कलयुग में भी अपना स्थान बनाए हुए हैं.

    ऐसी मान्यता है कि समस्त संसार में जब-जब हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, रामचरित मानस, रामायण, आदि का पाठ किया जाता है तो हनुमान जी वहां जरूर मौजूद होते हैं.

    हनुमान जी का शक्तिशाली ”बाहुक पाठ”, तुरंत दूर होती है हर समस्या !

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