विदुर नीति के अनुसार न रहें इन 10 लोगों के साथ, इन्हें नहीं होती अच्छे-बुरे की पहचान !! ~ Balaji Kripa

Thursday, 23 July 2015

विदुर नीति के अनुसार न रहें इन 10 लोगों के साथ, इन्हें नहीं होती अच्छे-बुरे की पहचान !!


 महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत ग्रंथ बहुत ही विस्तृत है। इसकी कथा जितनी बड़ी है, उतनी ही रोचक भी है। शास्त्रों में महाभारत को पांचवां वेद भी कहा गया है। महर्षि वेदव्यास ने इस ग्रंथ के बारे में स्वयं कहा है- यन्नेहास्ति न कुत्रचित्। अर्थात जिस विषय की चर्चा इस ग्रंथ में नहीं है, उसकी चर्चा कहीं भी उपलब्ध नहीं है।इस ग्रंथ में कुल एक लाख श्लोक हैं, इसलिए इसे शतसाहस्त्री संहिता भी कहते हैं। महाभारत के उद्योग पर्व में युद्ध से पहले महात्मा विदुर राजा धृतराष्ट्र को जीवन व्यबस्था से जुड़ी अनेक बातें बताते हैं। इसे विदुर नीति कहते हैं। विदुर नीति के अनुसार कुछ लोगों को अच्छे-बुरे का ज्ञान नहीं रहता, इसलिए इनसे दूर रहने में ही भलाई है। इनकी जानकारी इस प्रकार है-
1. जिसने नशा किया हो:=
जिस व्यक्ति ने नशा किया हुआ हो, उससे दूर रहने में ही भलाई है। नशे में व्यक्ति को अच्छे-बुरे का ज्ञान नहीं रहता और कई बार वह ऐसे काम भी कर देता है, जो उसे नहीं करना चाहिए। विदुर नीति के अनुसार, नशे में किसी व्यक्ति द्वारा किए गए गलत कामों का दंड उसके साथ रहने वालों को भी भुगतना पड़ सकता है। इसलिए ऐसे व्यक्ति से दूर रहना ही अच्छा है। नहीं तो किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
2. असावधान इंसान:=
विदुर नीति के अनुसार, असावधान व्यक्ति को भी अच्छे-बुरे का ध्यान नहीं रहता, इसलिए उसके साथ भी नहीं रहना चाहिए। उसकी लापरवाही के कारण हमें भी नुकसान हो सकता है। जैसे किसी व्यक्ति का पुराना विवाद चल रहा हो बावजूद इसके वह सावधान नहीं रहता तो मौका उठाकर दुश्मन उस पर हमला कर सकते हैं। असावधान रहने पर उसे तो नुकसान उठाना ही पड़ेगा।यदि हम भी ऐसे व्यक्ति के साथ रहेंगे तो बिना कारण हमें भी शारीरिक चोट पहुंच सकती है। वाहन चलाते समय या कोई जोखिम भरा काम करते समय किसी व्यक्ति की जरा सी लापरवाही उसकी व उसके साथ रहने वाले व्यक्ति की भी जान ले सकती है। इसलिए जो व्यक्ति असावधान यानी लापरवाह हो, उसके साथ न ही रहें तो बेहतर रहेगा।
3. पागल मनुष्य:=
जिस व्यक्ति का मानसिक संतुलन खराब हो, उसे सही-गलत या अच्छे बुरे का ज्ञान नहीं होता। वह तो बिना कारण कुछ भी करता रहता है। ऐसे में कई बार वह ऐसे काम भी कर देता है, जो उसे नहीं करना चाहिए। पागल व्यक्ति बिना कारण किसी पर हमला कर सकता है या सम्मान करने योग्य व्यक्ति का अपमान कर सकता है।
ऐसी स्थिति में उसे लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। पागल व्यक्ति को तो लोगों की पिटाई का अहसास भी नहीं होता, लेकिन कई बार पागल के साथ रहने वालों को अकारण ही लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ता है। इसलिए जिस व्यक्ति का मानसिक संतुलन ठीक नहीं हो, उसके साथ भी नहीं रहना चाहिए।

4. थका हुआ व्यक्ति:=
जिस व्यक्ति ने सारी रात कमरतोड़ मेहनत की हो और वह थक कर चूर हो चुका हो, ऐसी व्यक्ति को भी अच्छे-बुरे का ज्ञान नहीं रहता। थका हुआ व्यक्ति किसी से विवाद नहीं करता, वह तो बस आराम करना चाहता है। अगर उसके आराम में उसे रुकावट आती है तो वह सही-गलत का निर्णय किए बिना ही कुछ ऐसा कर सकता है, जो उसे नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में उसे तो नुकसान उठाना ही पड़ेगा, लेकिन उसके साथ यदि कोई है तो वह भी संकट में फंस सकता है। इसलिए ऐसे व्यक्ति से दूर रहने में ही भलाई है।
5. क्रोधी व्यक्ति:=
जिस व्यक्ति को छोटी-छोटी बातों पर बहुत गुस्सा आता हो, उसे भी धर्म-अधर्म का ज्ञान नहीं रहता, इसलिए ऐसे लोगों से भी दूर ही रहना चाहिए। जिस व्यक्ति का स्वभाव क्रोध वाला हो, वह छोटी सी बात पर भी किसी पर हमला कर सकता है या ऐसा कुछ कर सकता है, जिसके कारण आगे जाकर पछताना पड़े। ऐसे लोग बहुत ही दुःसाहसी होते हैं, क्रोध आने पर ये किसी का भी बुरा कर बैठते हैं।हालांकि आगे जाकर इन्हें भी अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों के साथ रहने वाले लोग भी हमेशा डरे हुए रहते हैं। क्योंकि वे जानते हैं कि क्रोधी व्यक्ति के कारण हम भी मुसीबत में फंस सकते हैं। इसलिए क्रोधी व्यक्ति से दूर ही रहना चाहिए।
6. भूखा व्यक्ति:=
विदुर नीति के अनुसार, भूख से तपड़ते हुए मनुष्य को भी धर्म-अधर्म का ज्ञान नहीं रहता। वह अपनी भूख शांत करने के लिए सही-गलत का निर्णय नहीं ले पाता और कुछ ऐसा कर सकता है, जो उसे नहीं करना चाहिए। भूखा व्यक्ति चोरी, डकैती या लूट जैसी घटना को भी अंजाम दे सकता है। भले ही उसका स्वभाव अच्छा हो, लेकिन भूख के कारण वह ये बुरे काम कर सकता है। इसलिए भूखे व्यक्ति से भी मेल-जोल नहीं रखना चाहिए। इसके कारण भी आप किसी मुसीबत में फंस सकते हैं।
7. जल्दबाजी में काम करने वाला व्यक्ति:=
जो व्यक्ति हर काम जल्दबाजी में करता है वह कभी न कभी कुछ न कुछ गलत जरूर कर बैठता है। जल्दबाजी में उसे अच्छे-बुरे का ध्यान नहीं रहता, वह सिर्फ जल्दी से अपना काम निपटाना चाहता है। अपना काम जल्दी निपटाने के लिए ऐसे लोग कोई शार्टकट तरीका अपनाते हैं, जिसके कारण बाद में इन्हें पछताना पड़ता है।
कई बार ऐसे लोगों से जल्दबाजी में किसी का बुरा भी हो जाता है। ऐसे लोग स्वभाव के बुरे नहीं होते, लेकिन जल्दबाजी के कारण कई बार इन्हें लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ता है। इसलिए ऐसे लोग जो हर काम जल्दबाजी में करते हैं, उनसे दूर रहना चाहिए।

8. लोभी व्यक्ति :=
लोभी यानी लालची व्यक्ति। हम बचपन से ही सुनते आ रहे हैं कि लालच इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है। लालची इंसान अपने निजी स्वार्थ के लिए किसी के साथ भी धोखा कर सकते हैं। ऐसे लोग धर्म-अधर्म के बारे में नहीं सोचते। ये लोग अपने परिवार, रिश्तेदार, दोस्त या और किसी के साथ भी बुरा करने से नहीं हिचकते। विपरीत समय आने पर ये अपने साथ रहने वाले लोगों को भी फंसा सकते हैं। इसलिए लालची लोगों से दूर रहने में ही भलाई है।
9. भयभीत यानी डरा हुआ व्यक्ति:=
डरे हुए इंसान को रस्सी भी सांप नजर आती है। उसे यही लगता है कि कहीं से कोई उसका नुकसान न कर दे। ऐसा व्यक्ति सही-गलत में भी फर्क नहीं कर सकता। हल्की हवा भी उसे तुफान की तरह लगती है। डरा हुआ व्यक्ति सज्जन होने पर भी जाने-अनजाने में किसी को चोट पहुंचा सकता है। वह अपने साथ रहने वाले व्यक्ति को भी शक की नजर से देखता है। खुद की जान खतरे में देख वह हिंसक भी हो सकता है। इसलिए भयभीत व्यक्ति के साथ भी नहीं रहना चाहिए क्योंकि उसकी गलती आपके लिए भी संकट पैदा कर सकती है।
10. कामी व्यक्ति :=
विदुर नीति के अनुसार, जब किसी व्यक्ति पर काम हावी होता है तो वह सही-गलत व अच्छा-बुरा सब भूल जाता है। कामी व्यक्ति अपनी तृप्ति के लिए किसी के साथ भी बुरा व्यवहार कर बैठता है। ऐसे व्यक्ति के साथ रहने वालों को भी कई बार अपमान का सामना करना पड़ सकता है। लगातार ऐसे व्यक्ति के संपर्क में रहने से लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए कामी व्यक्ति से दूर ही रहना चाहिए।

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