क्या आप को पता है ईश्वर के प्रति आस्था रखना जरुरी क्यों होता है !! ~ Balaji Kripa

Tuesday, 7 July 2015

क्या आप को पता है ईश्वर के प्रति आस्था रखना जरुरी क्यों होता है !!

  

मन को मजबूत बनाने के लिए ईश्वर प्राणिधान जरूरी है। ईश्वर के प्रति आस्था रखना ही ईश्वर प्राणिधान कहलाता है ईश्वर प्राणिधान की चर्चा वेद के अलावा उपनिषद्, गीता और योग में भी है। यह हिन्दू धर्म का सबसे जरूर नियम और आचरण है। इसका पालन नहीं करने से जीवन एक भटकाव बन जाता है। इसे नहीं मानने वालों के मस्तिष्क में हमेशा द्वंद्व और दुविधा बनी रहती है। द्वंद्व और दुविधा से आत्मविश्‍वास कमजोर होता है और व्यक्ति घोर संकट में घिरने लगता है। सफलताओं से भरा जीवन भी अंतत: अंत में असफल हो जाता है। सिर्फ एक ही ईश्वर है जिसे ब्रह्म, परमेश्वर या परमात्मा कहा जाता है। ईश्वर निराकार और अजन्मा, अप्रकट है।  हालांकि कुछ लोग किसी भी देवी या देवता को अपना ईष्ट बना लेते हैं तो फिर कभी किसी दूसरे देवी या देवता के प्रति समर्पण नहीं रखते। अर्थात एक ईष्ट बनाना जरूरी है।एक ईष्ट के अलावा आप किसी अन्य में आस्था न रखें। चाहे सुख हो या घोर दु:ख, उसके प्रति अपनी आस्था को डिगाएं नहीं। इससे आपके भीतर पांचों इंद्रियों में एकजुटता आएगी और आपका आत्मविश्वास बढ़ता जाएगा जिससे लक्ष्य को भेदने की ताकत बढ़ेगी। वह लोग जो अपनी आस्था बदलते रहते हैं वे भीतर से कमजोर होते जाते हैं। ईश्‍वर पर अटूट आस्था रखने से जीवन में कभी भी किसी रोग और शोक का सामना नहीं करना पड़ता है और सफलता का रास्ता उसके लिए आसान हो जाता है।

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