क्या आप को पता है 20 प्रकार के शिव लिंग व उनकी पूजा के फल क्या प्राप्त होता है !! ~ Balaji Kripa

Sunday, 16 August 2015

क्या आप को पता है 20 प्रकार के शिव लिंग व उनकी पूजा के फल क्या प्राप्त होता है !!

यहा आप को २० प्रकार से शिव लिंग की पूजा करने से जो फल प्राप्त होते है बताए जा रहे है !आप को जो फल चाहिए उसी शिव लिंग की विधि विधान से पूजा कर सकते है और जो शिव लिंग प्राप्त नहीं है उन को खुद घर पर नर्मित कर के पूजन करे !!
 
मिश्री(चीनी) से बने शिव लिंग की  पूजा से रोगो का नाश होकर सभी प्रकार से सुखप्रद होती हैं।

मिर्च, पीपल के चूर्ण में नमक मिलाकर बने शिवलिंग कि पूजा से वशीकरण और अभिचार कर्म के लिए किया जाता हैं।
 

फूलों से बने शिव लिंग कि पूजा से भूमि-भवन कि प्राप्ति होती हैं।
 

जौं, गेहुं, चावल तीनो का एक समान भाग में मिश्रण कर आटे के बने शिवलिंग कि पूजा से परिवार में सुख समृद्धि एवं संतान का लाभ होकर रोग से रक्षा होती हैं।
 

किसी भी फल को शिवलिंग के समान रखकर उसकी पूजा करने से फलवाटिका में अधिक उत्तम फल होता हैं।
 

यज्ञ कि भस्म से बने शिव लिंग कि पूजा से अभीष्ट सिद्धियां प्राप्त होती हैं।
 

यदि बांस के अंकुर को शिवलिंग के समान काटकर पूजा करने से वंश वृद्धि होती है।
 

दही को कपडे में बांधकर निचोड़ देने के पश्चात उससे जो शिवलिंग बनता हैं उसका पूजन करने से समस्त सुख एवं धन कि प्राप्ति होती हैं।
 

गुड़ से बने शिवलिंग में अन्न चिपकाकर शिवलिंग बनाकर पूजा करने से कृषि उत्पादन में वृद्धि होती हैं।
 

आंवले से बने शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से मुक्ति प्राप्त होती हैं।
 

कपूर से बने शिवलिंग का पूजन करने से आध्यात्मिक उन्नती प्रदत एवं मुक्ति प्रदत होता हैं।
 

यदि दुर्वा को शिवलिंग के आकार में गूंथकर उसकी पूजा करने से अकाल-मृत्यु का भय दूर हो जाता हैं।
 

स्फटिक के शिवलिंग का पूजन करने से व्यक्ति कि सभी अभीष्ट कामनाओं को पूर्ण करने में समर्थ हैं।
 

मोती के बने शिवलिंग का पूजन स्त्री के सौभाग्य में वृद्धि करता हैं।
 

स्वर्ण निर्मित शिवलिंग का पूजन करने से समस्त सुख-समृद्धि कि वृद्धि होती हैं।
 

चांदी के बने शिवलिंग का पूजन करने से धन-धान्य बढ़ाता हैं।
 

पीपल कि लकडी से बना शिवलिंग दरिद्रता का निवारण करता हैं।
 

लहसुनिया से बना शिवलिंग शत्रुओं का नाश कर विजय प्रदत होता हैं।
 

बिबर के मिट्टी के बने शिवलिंग का पूजन विषैले प्राणियों से रक्षा करता है।
 

पारद शिवलिंग का अभिषेक सर्वोत्कृष्ट माना गया है। घर में पारद शिवलिंग सौभाग्य, शान्ति, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए अत्यधिक सौभाग्यशाली है। दुकान, ऑफिस व फैक्टरी में व्यापारी को बढाऩे के लिए पारद शिवलिंग का पूजन एक अचूक उपाय है। शिवलिंग के मात्र दर्शन ही सौभाग्यशाली होता है। इसके लिए किसी प्राणप्रतिष्ठा की आवश्कता नहीं हैं। पर इसके ज्यादा लाभ उठाने के लिए पूजन विधिक्त की जानी चाहिए !

1 comment:

  1. यदि आपने महादेव शिव के प्रतीक शिवलिंग ( shivling ) को घर में स्थापित किया है तो आपको भी कुछ बातो का विशेष ध्यान रखना होगा क्योकि यदि भगवान शिव भोले है तो उनका क्रोध भी बहुत भयंकर होता है इसी कारण उन्हें त्रिदेवो में संहारकर्ता की उपाधि प्राप्त हुई है.
    यदि घर पर स्थापित किया हो शिवलिंग तो भूल से भी न करें इन कार्यो को !

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