क्या आप को पता है चाणक्‍य के 20 अमर वाक्य, यदि आप करेंगे इनका अनुसरण तो कभी नहीं होंगे असफल !! ~ Balaji Kripa

Sunday, 30 August 2015

क्या आप को पता है चाणक्‍य के 20 अमर वाक्य, यदि आप करेंगे इनका अनुसरण तो कभी नहीं होंगे असफल !!


चाणक्‍य ने अपनी नीति में मित्र, पुत्र, भगवान, भय, लक्ष्‍य, ईमानदारी, मनुष्‍य की अच्‍छाई और ऐसी ही हजाऱ तरह की जरुरी बातों पर ज्ञान दिया है। ये सभी बातें हमें आगे बढ़ने के लिये और समस्‍याओं से ना घबराने के लिये प्रेरित करती हैं। यहाँ हम आपको आचार्य चाणक्य के 20 प्रसिद्ध वाक्यों के बारे में बता रहे है।

शिक्षा :- शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पता है. शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है।

रहस्‍य:- अपने रहस्यों को किसी पर भी उजागर मत करो। यह आदत आपको बर्बाद कर सकती है।

मित्रता:- हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई स्वार्थ होता है। ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमें स्वार्थ ना हो। यह कड़वा सच है।

वर्तमान:- हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए। विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं।

आत्म सुधार:- कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयं से तीन प्रश्न जरुर कीजिये - मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल हो पाऊगां और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें, तभी आगे बढें।

महानता:- कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है, अपने जन्म से नहीं।

भगवान:- भगवान मूर्तियों में नहीं है। आपकी अनुभूति आपका इश्वर है। आपकी आत्मा आपका मंदिर है।

भय:- जैसे ही भय आपके करीब आये , उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये।

ईमानदारी:- एक बार जब आप कोई काम शुरु करते हैं, तो असफलता से डरे नहीं और ना ही उसे त्‍यागें। ईमानदारी से काम करने वाले लोग खुश रहते हैं।

इंसान की अच्‍छाई:- फूल की खुशबू केवल हवा की दिशा में जाएगी। लेकिन एक अच्‍छे इंसान की अच्‍छाई सब जगह फैलेगी।

परवरिश:- जन्‍म के पांचवे साल तक पुत्र को प्‍यार करना चाहिये, फिर दस साल तक दंडित करना चाहिये और एक बार जब वह सोलह वर्ष का हो जाए, तब उसे अपना दोस्‍त बना लेना चाहिये।

बुरा मित्र-अच्‍छा मित्र:- एक बुरे मित्र पर कभी विश्वास ना करें। एक अच्छे मित्र पर भी विश्वास ना करें। क्यूंकि यदि ऐसे लोग आपसे रुष्ट होते हैं, तो आप के सभी राज़ से पर्दा खोल देंगे।

सबसे बड़ी ताकत:- दुनिया की सबसे बड़ी ताकत पुरुष का विवेक और महिला की सुन्दरता है।

सीखना:- दूसरों की गलतियों से सीखो अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने को तुम्हारी आयु कम पड़ेगी।

ईमानदारी:- किसी भी व्यक्ति को बहुत ईमानदार नहीं होना चाहिए। सीधे वृक्ष और व्यक्ति पहले काटे जाते हैं।

क्षमता:- अगर कोई सर्प जहरीला नहीं है तब भी उसे जहरीला दिखना चाहिए वैसे दंश भले ही न हो पर दंश दे सकने की क्षमता का दूसरों को अहसास करवाते रहना चाहिए।

परिणाम:- काम का निष्पादन करो, परिणाम से मत डरो।

दोस्ती:- ऐसे व्यक्ति जो आपके स्तर से ऊपर या नीचे के हैं उन्हें दोस्त न बनाओ, वह तुम्हारे कष्ट का कारण बनेगे। समान स्तर के मित्र ही सुखदायक होते हैं।

0 comments:

Post a Comment