जानिए नागमण‌ि के बारे में कुछ बातें जो आपने पहले न तो पढ़ी होगी न सुनी होगी !! ~ Balaji Kripa

Monday, 17 August 2015

जानिए नागमण‌ि के बारे में कुछ बातें जो आपने पहले न तो पढ़ी होगी न सुनी होगी !!

कथा कहान‌ियों में आपने गजमुक्ता और नागमण‌ि के बारे में काफी कुछ पढ़ा या सुना होगा। लेक‌िन क्या वास्तव में नागों के पास कोई मण‌ि होती भी है या यह स‌िर्फ कोरी कल्पना मात्र है।ज्योत‌िषशास्‍त्र के एक प्रमुख ग्रंथ वृहत्ससंह‌िता में जो उल्लेख म‌िलता है उसके अनुसार संसार में मण‌िधारी नाग मौजूद हैं।चुंक‌ि ऐसे नागों का म‌िलना दुर्लभ होता है  इसल‌िए कहा जाता है मण‌िधारी नाग नहीं होते हैं। अब सच जो भी है लेक‌िन वृहत्ससंह‌िता में नागमण‌ि के बारे में कई रोचक बातें बताई गई हैं। जो इस बात को सोचने पर व‌िवश करता है क‌ि क्या वास्तव में नागमण‌ि होता है। वृहत्संह‌िता में नागमण‌ि के बारे में कई बातें कही गई हैं।सर्पमण‌ि ज‌िसे नागमण‌ि भी कहते हैं यह व‌िशेष नाग के स‌िर पर स्‍थ‌ित होती है। नागमण‌ि में इतनी चमक होती है क‌ि जहां यह होती है वहां आस-पास तेज रोशनी फैल जाती है। नागमण‌ि मोर के कंठ के समान और अग्न‌ि के समान चमकीली द‌िखती है। नागमण‌ि अन्य म‌ण‌ियों से अध‌िक प्रभावशाली और अलौक‌िक होती है। यह मण‌ि ज‌िसके पास होती है उस पर व‌िष का प्रभाव नहीं होता है। यह रोग से मुक्त होते हैं। वराहम‌िह‌िर बताते हैं क‌ि ज‌िस राजा के पास यह मण‌ि होती है वह शत्रुओं पर व‌िजय प्राप्त करने वाले होते हैं। इनके राज्य में समय से वर्षा होती और प्रजा खुशहाल रहती है। वराहम‌िह‌िर इस तरह की बात इसल‌िए ल‌‌िखते हैं क‌ि उन द‌िनों राजे महाराजे हुआ करते थे।

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