क्या आप को पता है सूर्य कर रहे हैं कन्या राशि में प्रवेश राशिनुसार जानें क्या पड़ेगा आपकी राशि पर प्रभाव !! ~ Balaji Kripa

Friday, 18 September 2015

क्या आप को पता है सूर्य कर रहे हैं कन्या राशि में प्रवेश राशिनुसार जानें क्या पड़ेगा आपकी राशि पर प्रभाव !!


पृथ्वी के वायुमंडल व जनजीवन पर सूर्य का सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य को आत्मा का कारक व ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्यदेव गुरुवार दिनांक 17.09.15 को बुध की कन्या राशि में प्रवेश कर रहा है। वर्तमान में सूर्यदेव बृहस्पति और मंगल के साथ स्व्यराशि सिंह में स्थित हैं तथा अपने ही नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी में गोचर कर रहे हैं। सूर्यदेव गुरुवार दिनांक 17.09.15 को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर बुध की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे तथा सूर्य की युति बुध और राहू के साथ कन्या राशि में होगी। सूर्य के कन्या में प्रवेश से अतिशुभ बुधादित्य योग का निर्माण होगा। सूर्य व बुध का मिलन प्रजा हेतु समृद्धिदायक रहेगा। आर्थिक पक्ष को भी मजबूत करेगा। सूर्यदेव के इस राशि परिवर्तन को कन्या संक्रांति कहेंगे। संक्रांति पुण्यकाल दिन 12 बजकर 29 मिनट से शाम 6 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। पुण्यकाल की अवधि 5 घंटे 51 मिनट हैं। महापुण्यकाल दिन 12 बजकर 29 मिनट से दिन 12 बजकर 53 मिनट रहेगा। महापुण्यका की अवधि 24 मिनट है।
सूर्य व बुध का मिलन आम जनमानस के सुखों में वृद्धि करेगा। राजकीय योजनाएं जनता के हिसाब से बनेंगी। राजनेता जनता के बारे में सोचेंगे परंतु सूर्य व राहू के योग बनने से व्यापारिक जगत में उठा-पटक रहेगी। बाजार में अकस्मात तेजी व मंदी का दौर रहेगा। जब तक सूर्य कन्या में रहेंगे, प्राकृतिक आपदाएं आने के संकेत हैं। सूर्य व राहू के मिलन से प्रजा भी अशांत रहेगी, प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने में असफल होगा। सीमा पर विवाद बढ़ सकता है। सरकार के लिए भी अत्यधिक परेशानियों भरा समय रहेगा। सूर्य के इस परिवर्तन से सभी राशि के जातकों के जीवन में भी कुछ न कुछ सकारात्मक या नकारात्मक परिवर्तन आएगा। यह परिवर्तन जातक की जन्मकुंडली में सूर्य की स्थिति तथा वर्तमान में ग्रहों की दशा तथा उससे सूर्य के संबंध पर भी निर्भर करता है। इस लेख के माध्यम से हम अपने पाठकों को उनके जन्मराशि अनुसार बताने जा रहे हैं की सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश उनके लिए कैसा रहेगा। व्यक्ति की महानता उसके चरित्र और ज्ञान पर निर्भर करती है, पहनावे पर नहीं !
 

मेष: पंचमेश सूर्य का छठे भाव में गोचर से मानसिक उलझने बढ़ेंगी। संतान तथा पिता से मतभेद हो सकता है। मात्र कठिन परिश्रम से प्रतियोगिता में भी सफलता मिलेगी। धन सम्बंधित जोखिम से बचें। उच्च अधिकारियों से मतभेद टालें।

वृष: चतुर्थेश सूर्य का पंचम भाव में गोचर गलत निर्णय दिलवाएगा। परिवार में वाद-विवाद संभव है। संतान की सेहत हेतु परेशानी हो सकती है। यात्रा में सावधानी आवश्यक है। गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होगी।

मिथुन: तृतेश सूर्य के चौथे भाव में गोचर से पारिवारिक सुख में कमी आएगी। वाहन से परेशानी होगी। माता का स्वास्थ्य बिगड़ेगा। कार्यक्षेत्र में हानि के योग हैं, अतः सावधानी बरतें। अनिद्रा व बेचैनी बढ़ेगी। तनाव से दूर रहने का प्रयास करें।

कर्क: धनेश सूर्य के तीसरे भाव में गोचर से पराक्रम और उत्साह बढ़ेगा। जन संपर्क तेज़ी से बढ़ेगा। संचार माध्यमों से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। दूसरों को दबाने की प्रवृत्ति हावी रहेगी। आत्म प्रंशसा, अति उत्साह तथा अहंकार से बचें।

सिंह: लग्नेश सूर्य का धन भाव में गोचर धन हानि देगा। आवेश में लिए गए निर्णय नुकसानदेह सिद्ध होंगे। वाणी-क्रोध पर नियंत्रण रखें। यात्रा कष्टकारी होगी। सेवकों व मित्रों से सावधान रहें। सिर, नेत्र व दांतों में दर्द संबंधित परेशानी रहेगी।

कन्या: व्येश सूर्य का लग्न में गोचर मानसिक रूप से विचलित करेगा। शारीरिक कष्ट व व्यर्थ भ्रमण के योग हैं। सांझेदारी से विवाद होगा। कार्य-व्यवहार में सावधानी बरतें। जीवनसाथी के साथ दांपत्य संबंध ठीक रखने की पूरी कोशिश करें।

तुला: लभेश सूर्य के द्वादश भाव में गोचर से आय में कमी आएगी। सुदूर यात्रा होगी। बुद्धिबल से शत्रुओं परास्त होंगे। बाहरी संबंधों से लाभ मिलेगा। अधिकारिगण से संबंध बेहतर बनाने का प्रयास करें। वीरान स्थान पर अकेले जाने से बचें।

वृश्चिक: कार्मेश सूर्य के लाभ भाव में गोचर से पैतृक संपत्ति में विवाद होगा। अकस्मात धन लाभ व हानि दोनों का ही योग है। आर्थिक निर्णय लेते समय सावधान रहें। प्रेग्नेंट महिलाएं अत्यधिक सतर्क रहें। संतान हेतु परेशानी के योग हैं।

धनु: भागेश सूर्य के दशम भाव में गोचर से भाग्य वश आय होने की संभावना है। पिता व अधिकारिगणो से विवाद होगा सावधान रहें। माता-पिता को कष्ट का योग बन रहा है अतः सतर्क रहें। निरर्थक यात्रा होने के संकेत बन रहे हैं।

मकर: अष्टमेश सूर्य के भाग्य भाव में गोचर से दुर्भाग्य प्रबल होगा। जुआ-सट्टा से दूर रहें, भाग्य भरोसे कोई कार्य न करें। भाई-बहनों व किसी करीबी मित्र से बेवजह विवाद होगा। आर्थिक हानि व कार्यस्थल पर परेशानी के योग बन रहे हैं।

कुंभ: सप्तमेश सूर्य के अष्टम भाव में गोचर से वैवाहिक जीवन में मतभेद आएंगे। जीवनसाथी का स्वास्थ्य खराब रहेगा। वाहन से दुर्घटना का योग है अतः ड्राइविंग के दौरान सतर्क रहें। आर्थिक मामलों में भी अत्याधिक सतर्कता अपेक्षित है।

मीन: षष्ठेश सूर्य के सप्तम भाव में गोचर से दांपत्य कलहकारी रहेगा। जीवनसाथी से बेवजह विवाद होगा। कार्य-व्यापार में सांझेदार धोखा दे सकते हैं। आर्थिक जोखिम उठाने से बचें। पेट संबंधित रोग के योग हैं खान-पान में सावधानी बरतें।

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