क्या आप को पता है 2016 में शनिदेव किसे बनाएंगे कंगाल और किसे करेंगे मालामाल !! ~ Balaji Kripa

Friday, 1 January 2016

क्या आप को पता है 2016 में शनिदेव किसे बनाएंगे कंगाल और किसे करेंगे मालामाल !!


ज्योतिषशास्त्र के खगोल खंड अनुसार शनि सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। धार्मिक शास्त्रों में शनि ग्रह के प्रति अनेक आखयान प्राप्त हैं। सूर्य पुत्र शनि को अपने ही पिता सूर्य का शत्रु भी माना जाता है। इन्हें नवग्रहों में दास की उपाधि प्राप्त है।

इन का रंग सांवला है एवं लंगड़ा होने के कारण इसकी गति मंद है। शनि का वाहन कौआ है। शास्त्रनुसार यदि कुण्डली में सूर्य पर शनि का प्रभाव हो तो व्यक्ति के पितृ सुखों में कमी देखी जाती है। शास्त्रनुसार शनि को पापी ग्रह माना गया है। शनि को मारक, अशुभ व दुख का कारक माना जाता है। शास्त्र उत्तर कालामृत के अनुसार शनि कमजोर स्वास्थ्य, बाधाएं, रोग, मृत्यु, दीर्घायु, नंपुसकता, वृद्धावस्था, काला रंग, क्रोध, विकलांगता व संघर्ष का कारक ग्रह माना गया है। वास्तविकता में शनि ग्रह न्यायाधीश है जो प्रकृति में संतुलन पैदा करता है व हर प्राणी के साथ न्याय करता है। जो लोग अनुचित विषमता व अस्वाभाविकता और अन्याय को आश्रय देते हैं, शनि केवल उन्हीं को प्रताड़ित करता है।
शनि भ्रचक्र की एक परीक्रमा 30 वर्षों में पूरी करते हैं। अतः ये ढ़ाई वर्ष तक एक राशि में गोचर करते हैं। शनि ग्रह रविवार दिनांक 02.11.14 को रात 10 बजकर 02 मिनट पर अपनी उच्च राशि तुला को त्यागकर वृश्चिक राशि में आ गए थे। अतः शनि के वृश्चिक राशि में गोचर का प्रभाव ढ़ाई वर्ष तक देखने को मिलेगा। शनि के राशि परिवर्तन से तुला जातकों के लिए साढ़ेसाती का अंतिम जबकि वृश्चिक जातकों के लिए दूसरा चरण शुरू हो गया है। धनु जातकों के लिए साढ़ेसाती का प्रारंभ समय है। सिंह व मेष जातकों के लिए शनि की छोटी पनौती रहेगी। सन 2016 में शनि ग्रह मंगल की राशि वृश्चिक में गोचर करेंगे तथा अपने मित्र बुध के नक्षत्र जेष्ठा के पहले चरण की ओर अगरसर होंगे। शनि शुक्रवार दिनांक 25.03.16 को वक्र होकर पुनः शनिवार दिनांक 13.08.16 को सक्रिय होंगे। सन 2016 में शनि मंगलवार दिनांक 22.11.16 को अस्त होकर पुनः बुधवार दिनांक 28.12.16 को उदय होंगे। आइए जानते हैं शनि के द्वादश राशियों पर सन 2016 में क्या प्रभाव रहेंगे।

मेष: शनि के आठवां गोचर से आप पर ढैय्या का प्रभाव रहेगा। काम धंधे को लेकर तनाव लाएगा परंतु सरकारी संस्थाओं से लाभ भी मिलेगा। देश-विदेश की लम्बी यात्रा भी संभव है। छल व धोखे के योग हैं अतः लेन-देन में सावधानी बरतें।
वृष: शनि के सातवें गोचर से आय वृद्धि के साथ-साथ ख़र्चे भी बढ़ेंगे। सामाजिक जीवन में परेशानी उठानी पड़ेगी। महत्वपूर्ण कार्यों में अवरोध होगा। प्रियजन का वियोग सताएगा। कानूनी विवाद के योग हैं। घर बदलने के योग भी बन रहे हैं।
मिथुन: शनि के छ्ठे गोचर से आजीविका में लाभ होगा। तकनीकी कार्य से जुड़े लोगों को उन्नति मिलेगी। पारिवारिक संबन्धों में कटुता रहेगी। आर्थिक मसले तंग करेंगे। स्थान परिवर्तन के योग हैं। पार्टनर का स्वास्थ्य बिगड़ेगा। प्रोपेर्टी से लाभ होगा।
कर्क: शनि के पंचवे गोचर से विरोध और अपकीर्ति फैलेगी। विपरीत लिंग से अधिक प्रगाढ़ता नुकसान का कारण बनेगी। पूंजी के संयोजन में धोखाधड़ी भी हो सकती है। संतान पक्ष से चिन्ता बढ़ सकती है। ख़र्च बढ़-चढ़कर रह सकते हैं।
सिंह: शनि के चौथे गोचर से प्रोफेशन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। समय प्रॉपर्टी की ख़रीद-फरोख़्त के लिए बढ़िया है। प्रोफेशन के लिए वर्तमान जगह को बदलना पड़ेगा। घर के बुज़ुर्गों का स्वास्थ्य का बिगड़ेगा। धार्मिक यात्राएं होंगी।
कन्या: शनि के तीसरे गोचर से अप्रतियाशित भय व हानि हो सकती है। संतान पक्ष को लेकर कुछ सुकून का अनुभव करेंगे। पारिवारिक मांगलिक आयोजनों के योग हैं। प्रोफेशन में उन्नति होगी। विदेश जाने के अवसर मिलेंगे। धनार्जन व निवेश होगा।
तुला: शनि के दूसरे गोचर वश आप साड़ेसती के प्रभाव में हैं। शारीरिक पीड़ा के योग हैं। आंखों की तकलीफें रहेगी। चोरी होने का भय रहेगा। वाहन चलाते समय सावधान रहें दुर्घटना के योग हैं। रिश्तेदार पीठ दिखाएंगे। प्रतियोगिता में लाभ मिलेगा।
वृश्चिक: शनि के पहले गोचर वश आप साड़ेसती के प्रभाव में हैं। शारीरिक कमजोरी रहेगी। शत्रुओं के कारण सामाजिक प्रतिष्ठा बिगड़ेगी। सजग रहें धन हानि के योग हैं। प्रोफेशन में उतार-चढ़ाव रहेगा। पारिवारिक व दांपत्य जीवन बेहतर रहेगा।
धनु: शनि के बारहवें गोचर वश आप साड़ेसती के प्रभाव में हैं। जीवन में उलटफेर होगा। संतान से कष्ट होगा। धन बेकार कार्यों में ख़र्च होगा। विवाद से बचें। स्वास्थ्य बिगड़ेगा। लालच में पड़ने से परेशान होंगे। संतुष्टि व समझदारी से काम लें।
मकर: शनि के ग्यारहवें गोचर से कोई नया काम शुरू होगा। संतान पक्ष को लेकर चिंताएं रहेंगी। आमदनी के अच्छे योग हैं। बड़ा ख़र्चा भी संभव है। धनागमन अच्छी जगह निवेश होगा। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। अप्रत्याशित लाभ होने के योग हैं।
कुंभ: शनि के दसवें गोचर से प्रोफेशन में तरक्की मिलेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। राजनीतिज्ञों को मदद मिलेगी। पारिवारिक बुजुर्ग का स्वास्थ्य बिगड़ेगा। सर्विसमैन के प्रमोशन के योग हैं। स्टूडेंट्स के लिए समय अनुकूल है। प्रोफेशन में सुधार होगा।
मीन: शनि के नवें गोचर से आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी। सर्विस में तरक्की मिलेगी। प्रोफेशन हेतु समय अच्छा है। पारिवारिक मांगलिक कार्य होने के योग हैं। निवेश सफल रहेगा। मित्र मददगार साबित होंगे। कानूनी मामलों में विजय मिलेगी।

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