क्या आप को पता है दिशा शूल क्या है ! दिशा शूल से बचाव के उपाय !! ~ Balaji Kripa

Saturday, 9 January 2016

क्या आप को पता है दिशा शूल क्या है ! दिशा शूल से बचाव के उपाय !!


दिशा शूल ले जाओ बामे, राहु योगिनी पूठ।
सम्मुख लेवे चंद्रमा, लावे लक्ष्मी लूट।
यात्रा सभी लोग करते हैं। कोई व्यापार के लिए, कोई धार्मिक कार्य के लिए, कोई मांगलिक कार्य के लिए अथवा कोई किसी महत्वपूर्ण खरीददारी के लिए। कभी-कभी यात्रा सुखमय होती है, तो कभी यह कष्टमय या असफलता से भरी होती है। इस यात्रा के विषय में दिशा शूल का अवश्य ध्यान रखना चाहिए। किन्हीं कारणों से दिशा शूल के दौरान उक्त दिशा की यात्रा नहीं टाली जा सकती, तो उससे बचने के उपाय किसी ज्योतिष से पूछकर करने चाहिए।

*पूर्व दिशा- सोमवार और शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन पूर्व दिशा में दिशा शूल रहता है।
*बचाव : सोमवार को दर्पण देखकर या पुष्प खाकर और शनिवार को अदरक, उड़द या तिल खाकर घर से बाहर निकलें। इससे पहले पांच कदम उल्टे पैर चलें।
*पश्चिम दिशा- रविवार और शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन पश्‍चिम दिशा में दिशा शूल रहता है।
*बचाव : रविवार को दलिया, घी या पान खाकर और शुक्रवार को जौ या राईं खाकर घर से बाहर निकलें। इससे पहले पांच कदम पीछे चलें।
* उत्तर दिशा- मंगलवर और बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन उत्तर दिशा में दिशा शूल रहता है।
*बचाव : मंगलवार को गुड़ खाकर और बुधवार को तिल, धनिया खाकर घर से बाहर निकलें। इससे पहले पांच कदम पीछे चलें।
*दक्षिण दिशा- गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहता है।
*बचाव : गुरुवार को दहीं या जीरा खाकर घर से बाहर निकलें। इससे पहले पांच कदम पीछे चलें।
*दक्षिण-पूर्व दिशा- सोमवार और गुरुवार को दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन इस दिशा में दिशा शूल रहता है।
*बचाव : सोमवर को दर्पण देखकर, गुरुवार को दहीं या जीरा खाकर घर से बाहर निकलें। इससे पहले पांच कदम पीछे चलें।
*नैऋत्य दिशा- रविवार और शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन इस दिशा में दिशा शूल रहता है।
*बचाव : रविवार को दलिया और घी खाकर और शुक्रवार को जौ खाकर घर से बाहर निकलें। इससे पहले पांच कदम पीछे चलें।
*वायव्य दिशा- मंगलवार को उत्तर-पश्चिम (वायव्य) दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन इस दिशा में दिशा शूल रहता है।
*बचाव : मंगलवार को गुड़ खाकर घर से बाहर निकलें। इससे पहले पांच कदम पीछे चलें।
*ईशान दिशा- बुधवार और शनिवार को उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन इस दिशा में दिशाशूल रहता है।
*बचाव : बुधवार को तिल या धनिया खाकर और शनिवार को अदरक, उड़द की दाल या तिल खाकर घर से बाहर निकलें। इससे पहले पांच कदम पीछे चलें।

नोट : नासिका का जो स्वर चलता हो उसी तरफ का पैर आगे बढ़ाकर यात्रा शुरू करनी चाहिए। कदम बढ़ाने से पहले पांच कदम उल्टे पीछे चलें। दिशा शूल पीठ का व बायां लेना ठीक रहता है। सम्मुख और दाहिना वर्जित रहता है।

1 comment:


  1. इस बात से तो सभी परिचित है की भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से एक अवतार है भगवान श्री कृष्ण तथा उनकी प्रेमिका राधा देवी लक्ष्मी की अवतार मानी जाती है. देवी पुराण को छोड़ लगभग सभी पुराणों में यही बात कही गई है.

    लेकिन देवी पुराण के अनुसार इस सम्बन्ध में अनेक ऐसी बाते बताई गई है जिससे सायद ही आप परिचित हो, आज हम आपको देवी पुराण से जुडी ऐसी बातो के बारे में बताने जा रहे है जिन्हें सुन आप सच में आश्चर्य में पड़ जाएंगे.

    हमारे सर्वेष्ठ पवित्र गर्न्थो में से एक है देवी पुराण, यह परम् पवित्र पुराण अपने अंदर अखिल शास्त्रो के रहस्यो के समेटे हुए, आगमो में अपना पवित्र स्थान रखता है. इस पुराण में 18 , 000 श्लोक है. इस पवित्र ग्रन्थ के रचियता महृषि वेदव्यास जी है.

    तो आइये जानते है देवी पुराण से जुड़े ये विचित्र बाते.

    भगवान कृष्ण थे माँ काली एवम राधा थी महादेव शिव की अवतार, देवी पुराण से जुडी हैरान करने वाली बाते !

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