March 2016 ~ Balaji Kripa

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May Baba fullfill all the wishes of the Devotees.

जय श्रीराम

भगवान रामभक्त हनुमान की उपासना से जीवन के सारे कष्ट, संकट मिट जाते है। माना जाता है कि हनुमान एक ऐसे देवता है जो थोड़ी-सी प्रार्थना और पूजा से ही शीघ्र प्रसन्न हो जाते है। जहां मंगलवार और शनिवार का दिन इनके पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं।

ॐ हं हनुमंतये नम:

मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान म‍ंदिर में जाकर रामभक्त हनुमान का गुणगान करें और उनसे अपने पापों के लिए क्षमायाचना करें।

Friday, 4 March 2016

महा शिव रात्रि पर ऐसे पूजा कर के करे महादेव को प्रसन्न !!


महादेव शिव को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय और शुभ दिन ढूढ़ते है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि यानीकि 7 मार्च को सुबह 11 बजकर 13 मिनट से लेकर दूसरे दिन सुबह 9 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। इस बार सोमवार पडने के साथ-साथ ही दुर्लभ योग है जो कि 18 साल के बाद पड़ रही है। इस दिन पूजा- पाठ करना बहुत ही पुण्यकारी है। साथ ही इस दिन पूजा कर आप काल सर्प योग से भी निजात पा सकते है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस दिन कुंभ राशि सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र व केतु, पांच ग्रह मिलन (युति) करेंगे। जिसके कारण इन चारों प्रहर में पूजा करना अति फलदायी है। इस दिन व्रत- पूजा करने उनके भक्तों को स्थिर लक्ष्मी और आरोग्यता प्रदान होती है।18 साल बाद बना ये दुर्लभ योग 25 फरवरी 1998 को बना था। जो कि अब 7 मार्च 2016 को बनेगा।

ऐसे करें शिव को प्रसन्न :-
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यह दिन काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विधि-विधान के साथ पूजा करने से जरुर भगवान प्रसन्न होते है। इनकी चारों में पूजा की जा सकती है। इसलिए हर प्रहर में भोलेनाथ को गन्ना, कुश, दूध, खस आदि का अभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही रुद्र पाठ, शिव महिमन
और तांडव स्त्रोत का पाठ करें । और षोड्षोपचार पूजन के साथ भगवान शिव को आक, धतूरा, भांग, बेर, गाजर चढ़ाया जाएगा।

इस तरह होगी चार प्रहर में पूजा :-
शैव व वैष्णव दोनों मतों के लोगों के एक ही दिन यह पर्व मनाने के कारण चार प्रहर की पूजा भी इसी दिन की जाएगी। जिसके प्रहर के अनुसार ये समय है।
निशीथ काल: आधी रात 12 बजकर 13 मिनट से लेकर 1 बजकर 02 मिनट तक
पहला प्रहर: शाम 6 बजकर 27 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 32 मिनट तक।
दूसरा प्रहर: रात 9 बजकर 33 मिनट से लेकर 12 बजकर 37 मिनट तक
तीसरा प्रहर: आधी रात 12 बजकर 38 मिनट से 3 बजकर 42 मिनट तक।
चौथा प्रहर: आधी रात के बाद 3 बजकर 43 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 47 तक।

शिवरात्रि पर राशि अनुसार ये उपाय करके आप अपने दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल सकते हैं


 मेष: संतान सुख के लिए शिवलिंग पर लाल कनेर के फूल चढ़ाएं।   
वृषभ: गृह क्लेश से मुक्ति के लिए शिवालय में नारियल तेल का दीपक करें।   
मिथुन: विवाद से मुक्ति के लिए शिवलिंग पर मिश्री के जल से अभिषेक करें।   
कर्क: धन में सफलता के लिए शिवलिंग पर आकड़ें के फूल चढ़ाएं।   
सिंह: मेंटल टेंशन से मुक्ति के लिए नारियल पर मौली बांधकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।   
कन्या: आर्थिक हानि से बचने के लिए शिवलिंग पर पीपल के पत्ते चढ़ाएं।   
तुला: धन प्राप्ति के लिए शिवलिंग पर गन्ने के रस से अभिषेक करें।   
वृश्चिक: प्रमोशन के लिए शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढ़ाएं।   
धनु: सौभाग्य के लिए शिवलिंग पर पीले कनेर के फूल चढ़ाएं।   
मकर: दुर्भाग्य से बचने के लिए शमीपत्र मिले जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।   
कुंभ: सुखी दांपत्य के लिए तिल के तेल से शिवलिंग का अभिषेक करें। 
मीन: शत्रुओं से मुक्ति पाने के लिए केसर मिले जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।-